भृशमबिभरुस्तारा हाराच्च्युता इव मौक्तिकाः
सुरसुरतजक्रीडालूनाद्द्युसद्वियदङ्गणम् ।
बहुकरकृतात्प्रातःसंमार्जनादधुना पुन-
र्निरुपधिनिजावस्थालक्ष्मीविलक्षणमीक्ष्यते ॥
भृशमबिभरुस्तारा हाराच्च्युता इव मौक्तिकाः
सुरसुरतजक्रीडालूनाद्द्युसद्वियदङ्गणम् ।
बहुकरकृतात्प्रातःसंमार्जनादधुना पुन-
र्निरुपधिनिजावस्थालक्ष्मीविलक्षणमीक्ष्यते ॥
सुरसुरतजक्रीडालूनाद्द्युसद्वियदङ्गणम् ।
बहुकरकृतात्प्रातःसंमार्जनादधुना पुन-
र्निरुपधिनिजावस्थालक्ष्मीविलक्षणमीक्ष्यते ॥
अन्वयः
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सुर-सुरत-ज-क्रीडा-लूनात् हारात् च्युताः मौक्तिकाः इव ताराः द्युसद्-वियत्-अङ्गणम् भृशम् अबिभरुः। अधुना पुनः बहु-कर-कृतात् प्रातः-संमार्जनात् (तत्) निरुपधि-निज-अवस्था-लक्ष्मी-विलक्षणम् ईक्ष्यते।
Summary
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The stars, like pearls fallen from a necklace broken during the love-play of the gods, had greatly adorned the sky-courtyard. Now, however, after the morning sweeping performed by many hands (the sun's rays), the sky is seen in its uniquely beautiful, pure, and natural state.
पदच्छेदः
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| भृशम् | भृशम् | greatly |
| अबिभरुः | अबिभरुः (√भृ कर्तरि लिट् (परस्मै.) प्र.पु. बहु.) | adorned |
| ताराः | तारा (१.३) | The stars |
| हारात् | हार (५.१) | from a necklace |
| च्युताः | च्युत (√च्यु+क्त, १.३) | fallen |
| इव | इव | like |
| मौक्तिकाः | मौक्तिक (१.३) | pearls |
| सुरसुरतजक्रीडालूनात् | सुर–सुरत–ज–क्रीडा–लून (√लू+क्त, ५.१) | broken during the love-play of the gods |
| द्युसद्वियदङ्गणम् | द्युसद्–वियद्–अङ्गण (२.१) | the sky-courtyard of the gods |
| बहुकरकृतात् | बहु–कर–कृत (√कृ+क्त, ५.१) | from that done by many hands/rays |
| प्रातःसंमार्जनात् | प्रातर्–संमार्जन (५.१) | from the morning sweeping |
| अधुना | अधुना | now |
| पुनः | पुनर् | however |
| निरुपधिनिजावस्थालक्ष्मीविलक्षणम् | निरुपधि–निज–अवस्था–लक्ष्मी–विलक्षण (१.१) | distinguished by the beauty of its own pure, natural state |
| ईक्ष्यते | ईक्ष्यते (√ईक्ष् भावकर्मणोः लट् (आत्मने.) प्र.पु. एक.) | is seen |
छन्दः
हरिणी [१७: नसमरसलग]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ | १२ | १३ | १४ | १५ | १६ | १७ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| भृ | श | म | बि | भ | रु | स्ता | रा | हा | रा | च्च्यु | ता | इ | व | मौ | क्ति | काः |
| सु | र | सु | र | त | ज | क्री | डा | लू | ना | द्द्यु | स | द्वि | य | द | ङ्ग | णम् |
| ब | हु | क | र | कृ | ता | त्प्रा | तः | सं | मा | र्ज | ना | द | धु | ना | पु | न |
| र्नि | रु | प | धि | नि | जा | व | स्था | ल | क्ष्मी | वि | ल | क्ष | ण | मी | क्ष्य | ते |
| न | स | म | र | स | ल | ग | ||||||||||
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