चुम्ब्यसेऽयमयमङ्क्यसे नखैः
श्लिष्यसेयमयमर्प्यसे हृदि ।
नो पुनर्न करवाणि ते गिरं
हुं त्यज त्यज तवास्मि किंकरा ॥
चुम्ब्यसेऽयमयमङ्क्यसे नखैः
श्लिष्यसेयमयमर्प्यसे हृदि ।
नो पुनर्न करवाणि ते गिरं
हुं त्यज त्यज तवास्मि किंकरा ॥
श्लिष्यसेयमयमर्प्यसे हृदि ।
नो पुनर्न करवाणि ते गिरं
हुं त्यज त्यज तवास्मि किंकरा ॥
अन्वयः
AI
(Nala:) "अयम् अयम् चुम्ब्यसे, नखैः अङ्क्यसे, इयम् अयम् श्लिष्यसे, हृदि अर्प्यसे।" (Damayanti:) "नो! पुनः न! हुम्! त्यज, त्यज! ते गिरम् न करवाणि? तव किंकरा अस्मि।"
Summary
AI
Nala says, "Here, you are being kissed; here, marked with nails; here, embraced; here, placed on my heart." Damayanti replies with feigned protest, "No! Not again! Hum! Stop, stop! Shall I not obey your word? I am your servant."
पदच्छेदः
AI
| चुम्ब्यसे | चुम्ब्यसे (√चुम्ब् भावकर्मणोः लट् (आत्मने.) म.पु. एक.) | you are being kissed |
| अयम् | इदम् (१.१) | here |
| अयम् | इदम् (१.१) | here |
| अङ्क्यसे | अङ्क्यसे (√अङ्क् भावकर्मणोः लट् (आत्मने.) म.पु. एक.) | you are being marked |
| नखैः | नख (३.३) | with nails |
| श्लिष्यसे | श्लिष्यसे (√श्लिष् भावकर्मणोः लट् (आत्मने.) म.पु. एक.) | you are being embraced |
| इयम् | इदम् (१.१) | here |
| अयम् | इदम् (१.१) | here |
| अर्प्यसे | अर्प्यसे (√ऋ +णिच् भावकर्मणोः लट् (आत्मने.) म.पु. एक.) | you are being placed |
| हृदि | हृद् (७.१) | on the heart |
| नो | नो | no |
| पुनः | पुनर् | again |
| न | न | not |
| करवाणि | करवाणि (√कृ कर्तरि लोट् (परस्मै.) उ.पु. एक.) | shall I do |
| ते | युष्मद् (६.१) | your |
| गिरं | गिर् (२.१) | word |
| हुं | हुम् | (sound of disapproval) |
| त्यज | त्यज (√त्यज् कर्तरि लोट् (परस्मै.) म.पु. एक.) | leave |
| त्यज | त्यज (√त्यज् कर्तरि लोट् (परस्मै.) म.पु. एक.) | leave |
| तव | युष्मद् (६.१) | your |
| अस्मि | अस्मि (√अस् कर्तरि लट् (परस्मै.) उ.पु. एक.) | I am |
| किंकरा | किंकरा (१.१) | servant |
छन्दः
रथोद्धता [११: रनरलग]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| चु | म्ब्य | से | ऽय | म | य | म | ङ्क्य | से | न | खैः |
| श्लि | ष्य | से | य | म | य | म | र्प्य | से | हृ | दि |
| नो | पु | न | र्न | क | र | वा | णि | ते | गि | रं |
| हुं | त्य | ज | त्य | ज | त | वा | स्मि | किं | क | रा |
| र | न | र | ल | ग | ||||||
Other texts to read
About
Sanskrit Sahitya is a free, open-access digital library of classical Sanskrit literature with AI-powered tools and translations.