नात्थ नात्थ शृणवानि ते न किं
तेन वाचमिति तां निगद्य सः ।
सा स्म दूत्यगतमाह तं यथा
तज्जगाद मृदुभिस्तदुक्तिभिः ॥
नात्थ नात्थ शृणवानि ते न किं
तेन वाचमिति तां निगद्य सः ।
सा स्म दूत्यगतमाह तं यथा
तज्जगाद मृदुभिस्तदुक्तिभिः ॥
तेन वाचमिति तां निगद्य सः ।
सा स्म दूत्यगतमाह तं यथा
तज्जगाद मृदुभिस्तदुक्तिभिः ॥
अन्वयः
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"न आत्थ, न आत्थ, ते वाचम् किम् न शृणवानि?" इति ताम् निगद्य, सः तेन यथा जगाद, सा स्म तम् दूत्य-गतम् तत् मृदुभिः तत्-उक्तिभिः आह।
Summary
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He said to her, "You don't speak, you don't speak! Why shouldn't I hear your voice?" Having spoken thus, she then recounted to him the swan's message, using his own soft words just as he had spoken them.
पदच्छेदः
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| न | न | not |
| आत्थ | आत्थ (√ब्रू कर्तरि लिट् (परस्मै.) म.पु. एक.) | you say |
| न | न | not |
| आत्थ | आत्थ (√ब्रू कर्तरि लिट् (परस्मै.) म.पु. एक.) | you say |
| शृणवानि | शृणवानि (√श्रु कर्तरि लोट् (आत्मने.) उ.पु. एक.) | let me hear |
| ते | युष्मद् (६.१) | your |
| न | न | not |
| किम् | किम् | why |
| तेन | तद् (३.१) | by that |
| वाचम् | वाच् (२.१) | speech |
| इति | इति | thus |
| ताम् | तद् (२.१) | to her |
| निगद्य | निगद्य (नि√गद्+ल्यप्) | having said |
| सः | तद् (१.१) | he |
| सा | तद् (१.१) | she |
| स्म | स्म | (past tense marker) |
| दूत्यगतम् | दूत्य–गत (२.१) | the message brought |
| आह | आह (√ब्रू कर्तरि लिट् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) | said |
| तम् | तद् (२.१) | to him |
| यथा | यथा | as |
| तत् | तद् (२.१) | that |
| जगाद | जगाद (√गद् कर्तरि लिट् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) | he spoke |
| मृदुभिः | मृदु (३.३) | with soft |
| तदुक्तिभिः | तत्–उक्ति (३.३) | with his words |
छन्दः
रथोद्धता [११: रनरलग]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| ना | त्थ | ना | त्थ | शृ | ण | वा | नि | ते | न | किं |
| ते | न | वा | च | मि | ति | तां | नि | ग | द्य | सः |
| सा | स्म | दू | त्य | ग | त | मा | ह | तं | य | था |
| त | ज्ज | गा | द | मृ | दु | भि | स्त | दु | क्ति | भिः |
| र | न | र | ल | ग | ||||||
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