अन्वयः
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सा प्रापत् यत्र वाम्य-भरम् अस्ति, कौतुकम् अस्ति, घर्म-जलम् अस्ति, वेपथुः अस्ति, भीतिः अस्ति, वाञ्छितम् रतम् अस्ति, सुखम् अस्ति, पीडनम् अस्ति।
Summary
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She reached a state where there was an abundance of coyness and curiosity, perspiration and trembling. There was fear, yet also the desired love-play. There was pleasure mixed with pain.
पदच्छेदः
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| अस्ति | अस्ति (√अस् कर्तरि लट् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) | there is |
| वाम्यभरम् | वाम्य–भर (१.१) | an abundance of coyness |
| अस्ति | अस्ति (√अस् कर्तरि लट् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) | there is |
| कौतुकम् | कौतुक (१.१) | curiosity |
| सा | तद् (१.१) | she |
| अस्ति | अस्ति (√अस् कर्तरि लट् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) | there is |
| घर्मजलम् | घर्म–जल (१.१) | perspiration |
| अस्ति | अस्ति (√अस् कर्तरि लट् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) | there is |
| वेपथुः | वेपथु (१.१) | trembling |
| अस्ति | अस्ति (√अस् कर्तरि लट् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) | there is |
| भीतिः | भीति (१.१) | fear |
| रतम् | रत (√रम्+क्त, १.१) | love-play |
| अस्ति | अस्ति (√अस् कर्तरि लट् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) | there is |
| वाञ्छितम् | वाञ्छित (√वाञ्छ्+क्त, १.१) | desired |
| प्रापत् | प्रापत् (प्र√आप् कर्तरि लङ् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) | obtained/reached |
| अस्ति | अस्ति (√अस् कर्तरि लट् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) | there is |
| सुखम् | सुख (१.१) | pleasure |
| अस्ति | अस्ति (√अस् कर्तरि लट् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) | there is |
| पीडनम् | पीडन (१.१) | pain |
छन्दः
रथोद्धता [११: रनरलग]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| अ | स्ति | वा | म्य | भ | र | म | स्ति | कौ | तु | कं |
| सा | स्ति | घ | र्म | ज | ल | म | स्ति | वे | प | थु |
| अ | स्ति | भी | ति | र | त | म | स्ति | वा | ञ्छि | तं |
| प्रा | प | द | स्ति | सु | ख | म | स्ति | पी | ड | नम् |
| र | न | र | ल | ग | ||||||
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