सखीं प्रति स्माह युवेङ्गितेक्षिणी
क्रमेण तेऽयं क्षमते न दित्सुताम् ।
विलोम तद्व्यञ्जनमर्प्यते त्वया
वरं किमस्मै न नितान्तमर्थिने ॥
सखीं प्रति स्माह युवेङ्गितेक्षिणी
क्रमेण तेऽयं क्षमते न दित्सुताम् ।
विलोम तद्व्यञ्जनमर्प्यते त्वया
वरं किमस्मै न नितान्तमर्थिने ॥
क्रमेण तेऽयं क्षमते न दित्सुताम् ।
विलोम तद्व्यञ्जनमर्प्यते त्वया
वरं किमस्मै न नितान्तमर्थिने ॥
अन्वयः
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युवा-इङ्गित-ईक्षिणी (एका सखी) सखीम् प्रति स्म आह – अयम् क्रमेण ते दित्सुताम् न क्षमते। त्वया विलोम तत्-व्यञ्जनम् अर्प्यते। नितान्तम् अर्थिने अस्मै वरम् (व्यञ्जनम्) किम् न (अर्प्यते)?
Summary
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A maid, observing a young guest's gestures, said to her friend: "This man cannot wait for your turn to serve. You are offering him the wrong dish. Why don't you serve a better one to this extremely eager guest?"
पदच्छेदः
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| सखीम् | सखी (२.१) | to her friend |
| प्रति | प्रति | towards |
| स्म | स्म | (makes past tense) |
| आह | आह (√अस् कर्तरि लिट् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) | said |
| युवेङ्गितेक्षिणी | युवन्–इङ्गित–ईक्षिणी (१.१) | the maid who observed the youth's gestures |
| क्रमेण | क्रम (३.१) | in turn / patiently |
| ते | युष्मद् (६.१) | your |
| अयम् | इदम् (१.१) | this (youth) |
| क्षमते | क्षमते (√क्षम् कर्तरि लट् (आत्मने.) प्र.पु. एक.) | waits for / tolerates |
| न | न | not |
| दित्सुताम् | दित्सुता (२.१) | the desire to give |
| विलोम | विलोम (२.१) | in a contrary way |
| तत् | तद् (१.१) | that |
| व्यञ्जनम् | व्यञ्जन (१.१) | side-dish |
| अrp्यते | अrp्यते (√ऋ +णिच् भावकर्मणोः लट् (आत्मने.) प्र.पु. एक.) | is being offered |
| त्वया | युष्मद् (३.१) | by you |
| वरम् | वर (२.१) | a better one |
| किम् | किम् | why |
| अस्मै | इदम् (४.१) | to him |
| न | न | not |
| नितान्तम् | नितान्तम् | extremely |
| अर्थिने | अर्थिन् (४.१) | to the one who is asking/desirous |
छन्दः
वंशस्थम् [१२: जतजर]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ | १२ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| स | खीं | प्र | ति | स्मा | ह | यु | वे | ङ्गि | ते | क्षि | णी |
| क्र | मे | ण | ते | ऽयं | क्ष | म | ते | न | दि | त्सु | ताम् |
| वि | लो | म | त | द्व्य | ञ्ज | न | म | र्प्य | ते | त्व | या |
| व | रं | कि | म | स्मै | न | नि | ता | न्त | म | र्थि | ने |
| ज | त | ज | र | ||||||||
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