बहूनि भीमस्य वसूनि दक्षिणां
प्रयच्छतः सत्त्वमवेक्ष्य तत्क्षणम् ।
जनेषु रोमाञ्चमितेषु मिश्रतां
ययुस्तयोः कण्टककुड्मलश्रियः ॥
बहूनि भीमस्य वसूनि दक्षिणां
प्रयच्छतः सत्त्वमवेक्ष्य तत्क्षणम् ।
जनेषु रोमाञ्चमितेषु मिश्रतां
ययुस्तयोः कण्टककुड्मलश्रियः ॥
प्रयच्छतः सत्त्वमवेक्ष्य तत्क्षणम् ।
जनेषु रोमाञ्चमितेषु मिश्रतां
ययुस्तयोः कण्टककुड्मलश्रियः ॥
अन्वयः
AI
तत्क्षणम् बहूनि वसूनि दक्षिणाम् प्रयच्छतः भीमस्य सत्त्वम् अवेक्ष्य रोमाञ्चमितेषु जनेषु, तयोः कण्टक कुड्मल श्रियः मिश्रताम् ययुः ।
Summary
AI
At that moment, seeing the great generosity of Bhima as he gave away abundant riches as gifts, the people's hair stood on end. The splendors of the bud-like horripilation of Nala and Damayanti (from their own emotions) merged with that of the assembled crowd.
पदच्छेदः
AI
| बहूनि | बहु (२.३) | many |
| भीमस्य | भीम (६.१) | of Bhima |
| वसूनि | वसु (२.३) | riches |
| दक्षिणाम् | दक्षिणा (२.१) | gift |
| प्रयच्छतः | प्रयच्छत् (प्र√दा+शतृ, ६.१) | of the one giving |
| सत्त्वम् | सत्त्व (२.१) | generosity/character |
| अवेक्ष्य | अवेक्ष्य (अव√ईक्ष्+ल्यप्) | having seen |
| तत्क्षणम् | तत्क्षणम् | at that moment |
| जनेषु | जन (७.३) | among the people |
| रोमाञ्चमितेषु | रोमाञ्चमित (७.३) | whose hair was standing on end |
| मिश्रताम् | मिश्रता (२.१) | a state of being mixed |
| ययुः | ययुः (√या कर्तरि लिट् (परस्मै.) प्र.पु. बहु.) | went to |
| तयोः | तद् (६.२) | of the two of them |
| कण्टक | कण्टक | horripilation (thorn-like) |
| कुड्मल | कुड्मल | bud |
| श्रियः | श्री (१.३) | splendors |
छन्दः
वंशस्थम् [१२: जतजर]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ | १२ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| ब | हू | नि | भी | म | स्य | व | सू | नि | द | क्षि | णां |
| प्र | य | च्छ | तः | स | त्त्व | म | वे | क्ष्य | त | त्क्ष | णम् |
| ज | ने | षु | रो | मा | ञ्च | मि | ते | षु | मि | श्र | तां |
| य | यु | स्त | योः | क | ण्ट | क | कु | ड्म | ल | श्रि | यः |
| ज | त | ज | र | ||||||||
About
Sanskrit Sahitya is a free, open-access digital library of classical Sanskrit literature with AI-powered tools and translations.