मयेन भीमं भगवन्तमर्चता
नृपेति पूजा प्रभुनाम्नि या कृता ।
अदत्त भीमोऽपि स नैषधाय तां
हरिन्मणेर्भोजनभाजनम्महत् ॥
मयेन भीमं भगवन्तमर्चता
नृपेति पूजा प्रभुनाम्नि या कृता ।
अदत्त भीमोऽपि स नैषधाय तां
हरिन्मणेर्भोजनभाजनम्महत् ॥
नृपेति पूजा प्रभुनाम्नि या कृता ।
अदत्त भीमोऽपि स नैषधाय तां
हरिन्मणेर्भोजनभाजनम्महत् ॥
अन्वयः
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भगवन्तम् भीमम् अर्चता मयेन प्रभुनाम्नि 'नृप' इति या पूजा कृता, सः भीमः अपि ताम् (पूजां) महत् हरिन्मणेः भोजनभाजनम् (च) नैषधाय अदत्त ।
Summary
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Maya, while worshipping the venerable Bhima, performed a puja in the name of 'lord' (Nala). In return, Bhima also gave that offering, a great dining vessel made of emerald, to Nala.
पदच्छेदः
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| मयेन | मय (३.१) | by Maya |
| भीमम् | भीम (२.१) | to Bhima |
| भगवन्तम् | भगवत् (२.१) | the venerable |
| अर्चता | अर्चत् (√अर्च, ३.१) | by the one worshipping |
| नृप | नृप (८.१) | O King |
| इति | इति | thus |
| पूजा | पूजा (१.१) | worship |
| प्रभुनाम्नि | प्रभुनामन् (७.१) | in the name of the lord |
| या | यद् (१.१) | which |
| कृता | कृत (√कृ+क्त, १.१) | was done |
| अदत्त | अदत्त (√दा कर्तरि लङ् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) | gave |
| भीमः | भीम (१.१) | Bhima |
| अपि | अपि | also |
| सः | तद् (१.१) | he |
| नैषधाय | नैषध (४.१) | to Nala |
| ताम् | तद् (२.१) | that |
| हरिन्मणेः | हरिन्मणि (६.१) | of emerald |
| भोजनभाजनम् | भोजन–भाजन (२.१) | dining vessel |
| महत् | महत् (२.१) | great |
छन्दः
वंशस्थम् [१२: जतजर]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ | १२ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| म | ये | न | भी | मं | भ | ग | व | न्त | म | र्च | ता |
| नृ | पे | ति | पू | जा | प्र | भु | ना | म्नि | या | कृ | ता |
| अ | द | त्त | भी | मो | ऽपि | स | नै | ष | धा | य | तां |
| ह | रि | न्म | णे | र्भो | ज | न | भा | ज | न | म्म | हत् |
| ज | त | ज | र | ||||||||
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