असिं भवान्याः क्षतकासरासुरं
वराय भीमः स्म ददाति भासुरम् ।
ददे हि तस्मै धवनामधारिणे
स शंभुसंभोगनिमग्नयानया ॥
असिं भवान्याः क्षतकासरासुरं
वराय भीमः स्म ददाति भासुरम् ।
ददे हि तस्मै धवनामधारिणे
स शंभुसंभोगनिमग्नयानया ॥
वराय भीमः स्म ददाति भासुरम् ।
ददे हि तस्मै धवनामधारिणे
स शंभुसंभोगनिमग्नयानया ॥
अन्वयः
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भीमः वराय भवान्याः क्षत-कासर-असुरम् भासुरम् असिम् ददाति स्म । हि सः शंभु-संभोग-निमग्नया अनया (भवान्या) धव-नाम-धारिणे तस्मै ददे ।
Summary
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Bhima gave the groom a shining sword of Bhavani, which had killed the demon Kasara. Indeed, that sword had been given by her (Bhavani), while immersed in union with Shambhu, to him (Shiva) who bears the name 'Dhava' (husband).
पदच्छेदः
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| असिम् | असि (२.१) | the sword |
| भवान्याः | भवानी (६.१) | of Bhavani |
| क्षतकासरासुरम् | क्षत (√क्षन्+क्त)–कासर–असुर (२.१) | which killed the demon Kasara |
| वराय | वर (४.१) | to the groom |
| भीमः | भीम (१.१) | Bhima |
| स्म | स्म | (indicates past tense) |
| ददाति | ददाति (√दा कर्तरि लट् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) | gave |
| भासुरम् | भासुर (२.१) | shining |
| ददे | ददे (√दा कर्तरि लिट् (आत्मने.) प्र.पु. एक.) | was given |
| हि | हि | Indeed |
| तस्मै | तद् (४.१) | to him |
| धवनामधारिणे | धव–नामन्–धारिन् (४.१) | to the one bearing the name of husband (Shiva) |
| सः | तद् (१.१) | it (the sword) |
| शंभुसंभोगनिमग्नया | शंभु–संभोग–निमग्न (नि√मस्ज्+क्त, ३.१) | by her who was immersed in union with Shambhu |
| अनया | इदम् (३.१) | by her (Bhavani) |
छन्दः
वंशस्थम् [१२: जतजर]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ | १२ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| अ | सिं | भ | वा | न्याः | क्ष | त | का | स | रा | सु | रं |
| व | रा | य | भी | मः | स्म | द | दा | ति | भा | सु | रम् |
| द | दे | हि | त | स्मै | ध | व | ना | म | धा | रि | णे |
| स | शं | भु | सं | भो | ग | नि | म | ग्न | या | न | या |
| ज | त | ज | र | ||||||||
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