सखा यदस्मै किल भीमसंज्ञया
स यक्षसख्याधिगतं ददौ भवः ।
ददौ तदेष श्वशुरः सुरोचितं
नलाय चिन्तामणिदाम कामदम् ॥
सखा यदस्मै किल भीमसंज्ञया
स यक्षसख्याधिगतं ददौ भवः ।
ददौ तदेष श्वशुरः सुरोचितं
नलाय चिन्तामणिदाम कामदम् ॥
स यक्षसख्याधिगतं ददौ भवः ।
ददौ तदेष श्वशुरः सुरोचितं
नलाय चिन्तामणिदाम कामदम् ॥
अन्वयः
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सखा भवः भीम-संज्ञया यक्ष-सख्य-अधिगतम् यत् अस्मै किल ददौ, एषः श्वशुरः तत् सुर-उचितम् काम-दम् चिन्तामणि-दाम नलाय ददौ ।
Summary
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His friend, Bhava (Shiva), under the name Bhima, had given Nala something obtained through friendship with Kubera. Now, this father-in-law (King Bhima) gave to Nala that very thing: a wish-fulfilling necklace of Chintamani gems, suitable for the gods.
पदच्छेदः
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| सखा | सखि (१.१) | The friend |
| यत् | यद् (२.१) | which |
| अस्मै | इदम् (४.१) | to him (Nala) |
| किल | किल | indeed |
| भीमसंज्ञया | भीम–संज्ञा (३.१) | by the name Bhima |
| सः | तद् (१.१) | he |
| यक्षसख्याधिगतम् | यक्ष–सख्य–अधिगत (अधि√गम्+क्त, २.१) | obtained through friendship with the Yaksha (Kubera) |
| ददौ | ददौ (√दा कर्तरि लिट् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) | gave |
| भवः | भव (१.१) | Bhava (Shiva) |
| ददौ | ददौ (√दा कर्तरि लिट् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) | gave |
| तत् | तद् (२.१) | that |
| एषः | एतद् (१.१) | this |
| श्वशुरः | श्वशुर (१.१) | father-in-law (Bhima) |
| सुरोचितम् | सुर–उचित (२.१) | suitable for gods |
| नलाय | नल (४.१) | to Nala |
| चिन्तामणिदाम | चिन्तामणि–दामन् (२.१) | a necklace of Chintamani gems |
| कामदम् | काम–द (√दा+क, २.१) | wish-fulfilling |
छन्दः
वंशस्थम् [१२: जतजर]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ | १२ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| स | खा | य | द | स्मै | कि | ल | भी | म | सं | ज्ञ | या |
| स | य | क्ष | स | ख्या | धि | ग | तं | द | दौ | भ | वः |
| द | दौ | त | दे | ष | श्व | शु | रः | सु | रो | चि | तं |
| न | ला | य | चि | न्ता | म | णि | दा | म | का | म | दम् |
| ज | त | ज | र | ||||||||
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