तथा किमाजन्मनिजाङ्कवर्धितां
प्रहित्य पुत्रीं पितरौ विषेदतुः ।
विसृज्य तौ तं दुहितुः पतिं यथा
विनीततालक्षगुणीभवद्गुणम् ॥
तथा किमाजन्मनिजाङ्कवर्धितां
प्रहित्य पुत्रीं पितरौ विषेदतुः ।
विसृज्य तौ तं दुहितुः पतिं यथा
विनीततालक्षगुणीभवद्गुणम् ॥
प्रहित्य पुत्रीं पितरौ विषेदतुः ।
विसृज्य तौ तं दुहितुः पतिं यथा
विनीततालक्षगुणीभवद्गुणम् ॥
अन्वयः
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पितरौ आजन्म-निज-अङ्क-वर्धितां पुत्रीं प्रहित्य तथा न विषेदतुः यथा तौ विनीतता-अलक्ष-गुणीभवत्-गुणम् तम् दुहितुः पतिं विसृज्य (विषेदतुः)।
Summary
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The parents did not grieve as much for sending away their daughter, who was raised on their laps since birth, as they did for sending away their daughter's husband, Nala, whose virtues were magnified by his imperceptible modesty.
पदच्छेदः
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| तथा | तथा | so much |
| किम् | किम् | (used for negation in comparison) |
| आजन्मनिजाङ्कवर्धितां | आजन्म–निज–अङ्क–वर्धिता (२.१) | who was raised on their own laps since birth |
| प्रहित्य | प्रहित्य (प्र√हि+ल्यप्) | having sent away |
| पुत्रीं | पुत्री (२.१) | their daughter |
| पितरौ | पितृ (१.२) | the parents |
| विषेदतुः | विषेदतुः (वि√सद् कर्तरि लिट् (परस्मै.) प्र.पु. द्वि.) | grieved |
| विसृज्य | विसृज्य (वि√सृज्+ल्यप्) | having sent away |
| तौ | तद् (१.२) | they two |
| तं | तद् (२.१) | him |
| दुहितुः | दुहितृ (६.१) | of their daughter |
| पतिं | पति (२.१) | the husband |
| यथा | यथा | as |
| विनीततालक्षगुणीभवद्गुणम् | विनीतता–अलक्ष–गुणीभवत्–गुण (२.१) | whose virtues were magnified by his imperceptible modesty |
छन्दः
वंशस्थम् [१२: जतजर]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ | १२ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| त | था | कि | मा | ज | न्म | नि | जा | ङ्क | व | र्धि | तां |
| प्र | हि | त्य | पु | त्रीं | पि | त | रौ | वि | षे | द | तुः |
| वि | सृ | ज्य | तौ | तं | दु | हि | तुः | प | तिं | य | था |
| वि | नी | त | ता | ल | क्ष | गु | णी | भ | व | द्गु | णम् |
| ज | त | ज | र | ||||||||
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