परस्य न स्प्रष्टुमिमामधिक्रिया
प्रिया शिशुः प्रांशुरसाविति ब्रुवन् ।
रथे स भैमीं स्वयमध्यरूरुह-
न्न तत्किलाश्लिक्षदिमां जनेक्षितः ॥
परस्य न स्प्रष्टुमिमामधिक्रिया
प्रिया शिशुः प्रांशुरसाविति ब्रुवन् ।
रथे स भैमीं स्वयमध्यरूरुह-
न्न तत्किलाश्लिक्षदिमां जनेक्षितः ॥
प्रिया शिशुः प्रांशुरसाविति ब्रुवन् ।
रथे स भैमीं स्वयमध्यरूरुह-
न्न तत्किलाश्लिक्षदिमां जनेक्षितः ॥
अन्वयः
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“इमां स्प्रष्टुं परस्य न अधिक्रिया। असौ प्रिया प्रांशुः शिशुः (च अस्ति)” इति ब्रुवन् सः स्वयम् भैमीं रथे अध्यरूरुहत्। जन-ईक्षितः (सन्) तत् इमां किल न आश्लिक्षत्।
Summary
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Saying, "Another person has no right to touch her; this beloved is tall and delicate," Nala himself helped Bhaimi onto the chariot. Being watched by the people, he did not embrace her then.
पदच्छेदः
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| परस्य | पर (६.१) | of another |
| न | न | no |
| स्प्रष्टुम् | स्प्रष्टुम् (√स्प्रश्+तुमुन्) | to touch |
| इमाम् | इदम् (२.१) | her |
| अधिक्रिया | अधिक्रिया (१.१) | right |
| प्रिया | प्रिया (१.१) | beloved |
| शिशुः | शिशु (१.१) | is delicate |
| प्रांशुः | प्रांशु (१.१) | is tall |
| असौ | अदस् (१.१) | this one |
| इति | इति | thus |
| ब्रुवन् | ब्रुवत् (√ब्रू+शतृ, १.१) | saying |
| रथे | रथ (७.१) | onto the chariot |
| सः | तद् (१.१) | he |
| भैमीं | भैमी (२.१) | Bhaimi |
| स्वयम् | स्वयम् | himself |
| अध्यरूरुहत् | अध्यरूरुहत् (अधि+आ√रुह् कर्तरि लङ् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) | helped ascend |
| न | न | not |
| तत् | तत् | therefore |
| किल | किल | indeed |
| आश्लिक्षत् | आश्लिक्षत् (आ√श्लिष् कर्तरि लङ् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) | did embrace |
| इमाम् | इदम् (२.१) | her |
| जनेक्षितः | जन–ईक्षित (१.१) | being watched by the people |
छन्दः
वंशस्थम् [१२: जतजर]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ | १२ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| प | र | स्य | न | स्प्र | ष्टु | मि | मा | म | धि | क्रि | या |
| प्रि | या | शि | शुः | प्रां | शु | र | सा | वि | ति | ब्रु | वन् |
| र | थे | स | भै | मीं | स्व | य | म | ध्य | रू | रु | ह |
| न्न | त | त्कि | ला | श्लि | क्ष | दि | मां | ज | ने | क्षि | तः |
| ज | त | ज | र | ||||||||
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