विनापि भूषामवधिः श्रियामियं
व्यभूषि विज्ञाभिरदर्शि चाधिका ।
न भूषयैषाधिचकास्ति किं तु सा
नयेति कस्यास्तु विचारचातुरी विधाय ॥
विनापि भूषामवधिः श्रियामियं
व्यभूषि विज्ञाभिरदर्शि चाधिका ।
न भूषयैषाधिचकास्ति किं तु सा
नयेति कस्यास्तु विचारचातुरी विधाय ॥
व्यभूषि विज्ञाभिरदर्शि चाधिका ।
न भूषयैषाधिचकास्ति किं तु सा
नयेति कस्यास्तु विचारचातुरी विधाय ॥
अन्वयः
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इयं भूषां विना अपि श्रियाम् अवधिः (अस्ति)। (सा) विज्ञाभिः व्यभूषि, अधिका च अदर्शि। एषा भूषया न अधिचकास्ति, किं तु सा (भूषा अनया) अधिचकास्ति। इति नयं विधाय कस्य विचार-चातुरी अस्तु?
Summary
AI
Even without ornaments, she is the pinnacle of beauty. Yet, she was adorned by her expert friends and was seen to be even more beautiful. She does not shine more because of the ornament; rather, the ornament shines more because of her. Having established this principle, what scope is there for any clever debate?
पदच्छेदः
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| विना | विना | without |
| अपि | अपि | even |
| भूषाम् | भूषा (२.१) | ornaments |
| अवधिः | अवधि (१.१) | the pinnacle |
| श्रियाम् | श्री (६.३) | of beauties |
| इयम् | इदम् (१.१) | she |
| व्यभूषि | व्यभूषि (वि√भूष् भावकर्मणोः लुङ् (आत्मने.) प्र.पु. एक.) | was adorned |
| विज्ञाभिः | विज्ञ (३.३) | by the expert (friends) |
| अदर्शि | अदर्शि (√दृश् भावकर्मणोः लुङ् (आत्मने.) प्र.पु. एक.) | was seen |
| च | च | and |
| अधिका | अधिक (१.१) | more (beautiful) |
| न | न | not |
| भूषया | भूषा (३.१) | by the ornament |
| एषा | एतद् (१.१) | she |
| अधिचकास्ति | अधिचकास्ति (अधि√चकास् कर्तरि लट् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) | shines more |
| किम् | किम् | but |
| तु | तु | rather |
| सा | तद् (१.१) | it (the ornament) |
| नया | इदम् (३.१) | by her |
| इति | इति | thus |
| कस्य | किम् (६.१) | whose |
| अस्तु | अस्तु (√अस् कर्तरि लोट् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) | can there be |
| विचार | विचार | debate |
| चातुरीम् | चातुरी (२.१) | cleverness of |
| विधाय | विधाय (वि√धा+ल्यप्) | having established |
छन्दः
वंशस्थम् [१२: जतजर]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ | १२ | १३ | १४ | १५ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| वि | ना | पि | भू | षा | म | व | धिः | श्रि | या | मि | यं | |||
| व्य | भू | षि | वि | ज्ञा | भि | र | द | र्शि | चा | धि | का | |||
| न | भू | ष | यै | षा | धि | च | का | स्ति | किं | तु | सा | |||
| न | ये | ति | क | स्या | स्तु | वि | चा | र | चा | तु | री | वि | धा | य |
| ज | त | ज | र | |||||||||||
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