अम्लानिरामोदभरश्च दिव्यः
पुष्पेषु भूयाद्भवदङ्गसङ्गात् ।
दृष्टं प्रसूनोपमया मयान्य-
न्न धर्मशर्मोभयकर्मठं यत् ॥
अम्लानिरामोदभरश्च दिव्यः
पुष्पेषु भूयाद्भवदङ्गसङ्गात् ।
दृष्टं प्रसूनोपमया मयान्य-
न्न धर्मशर्मोभयकर्मठं यत् ॥
पुष्पेषु भूयाद्भवदङ्गसङ्गात् ।
दृष्टं प्रसूनोपमया मयान्य-
न्न धर्मशर्मोभयकर्मठं यत् ॥
अन्वयः
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भवत् अङ्ग सङ्गात् पुष्पेषु दिव्यः अम्लानिरामोदभरः च भूयात् । यत् धर्म शर्म उभय कर्मठम् (अस्ति), (तादृशम्) अन्यत् प्रसूनोपमया मया न दृष्टम् ।
Summary
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May flowers, from contact with your body, possess a divine and unfading fullness of fragrance. I have not seen anything else, comparable to a flower, that is capable of bestowing both religious merit and happiness.
पदच्छेदः
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| अम्लानिरामोदभरः | अम्लानि–आमोद–भर (१.१) | unfading fullness of fragrance |
| च | च | and |
| दिव्यः | दिव्य (१.१) | divine |
| पुष्पेषु | पुष्प (७.३) | in flowers |
| भूयात् | भूयात् (√भू कर्तरि आशीर्लिङ् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) | may there be |
| भवत् | भवत् (६.१) | your |
| अङ्ग | अङ्ग | body |
| सङ्गात् | सङ्ग (५.१) | from contact |
| दृष्टम् | दृष्ट (√दृश्+क्त, १.१) | seen |
| प्रसूनोपमया | प्रसूनोपमा (३.१) | by the simile of a flower |
| मया | अस्मद् (३.१) | by me |
| अन्यत् | अन्यद् (१.१) | other |
| न | न | not |
| धर्म | धर्म | religious merit |
| शर्म | शर्मन् | happiness |
| उभय | उभय | both |
| कर्मठम् | कर्मठ (१.१) | capable of |
| यत् | यद् (१.१) | which |
छन्दः
उपजातिः [११]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| अ | म्ला | नि | रा | मो | द | भ | र | श्च | दि | व्यः |
| पु | ष्पे | षु | भू | या | द्भ | व | द | ङ्ग | स | ङ्गात् |
| दृ | ष्टं | प्र | सू | नो | प | म | या | म | या | न्य |
| न्न | ध | र्म | श | र्मो | भ | य | क | र्म | ठं | यत् |
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