वैदर्भि दत्तस्तव तावदेष
वरो दुरापः पृथिवीश एव ।
दूत्यं तु यत्त्वं कृतवानमायं
नल प्रसादस्त्वयि तन्ममायम् ॥
वैदर्भि दत्तस्तव तावदेष
वरो दुरापः पृथिवीश एव ।
दूत्यं तु यत्त्वं कृतवानमायं
नल प्रसादस्त्वयि तन्ममायम् ॥
वरो दुरापः पृथिवीश एव ।
दूत्यं तु यत्त्वं कृतवानमायं
नल प्रसादस्त्वयि तन्ममायम् ॥
अन्वयः
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वैदर्भि, तव दुरापः वरः तावत् एषः पृथिवीशः एव दत्तः । नल, तु यत् त्वम् अमायम् दूत्यम् कृतवान्, तत् अयम् मम प्रसादः त्वयि (अस्ति) ।
Summary
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Indra said: "O princess of Vidarbha, this king himself is granted as your hard-to-obtain boon. But O Nala, because you performed the messenger's duty without deceit, therefore this is my favor upon you."
पदच्छेदः
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| वैदर्भि | वैदर्भी (८.१) | O princess of Vidarbha |
| दत्तः | दत्त (√दा+क्त, १.१) | is given |
| तव | युष्मद् (६.१) | your |
| तावत् | तावत् | firstly |
| एषः | एतद् (१.१) | this |
| वरः | वर (१.१) | boon/bridegroom |
| दुरापः | दुराप (१.१) | hard to obtain |
| पृथिवीशः | पृथिवीश (१.१) | king |
| एव | एव | itself |
| दूत्यम् | दूत्य (२.१) | the messenger's task |
| तु | तु | but |
| यत् | यद् | because |
| त्वम् | युष्मद् (१.१) | you |
| कृतवान् | कृतवत् (√कृ+क्तवतु, १.१) | have done |
| अमायम् | अमायम् | without deceit |
| नल | नल (८.१) | O Nala |
| प्रसादः | प्रसाद (१.१) | favor |
| त्वयि | युष्मद् (७.१) | upon you |
| तत् | तत् | therefore |
| मम | अस्मद् (६.१) | my |
| अयम् | इदम् (१.१) | this |
छन्दः
उपजातिः [११]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| वै | द | र्भि | द | त्त | स्त | व | ता | व | दे | ष |
| व | रो | दु | रा | पः | पृ | थि | वी | श | ए | व |
| दू | त्यं | तु | य | त्त्वं | कृ | त | वा | न | मा | यं |
| न | ल | प्र | सा | द | स्त्व | यि | त | न्म | मा | यम् |
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