सुरेषु मालाममलामपश्य-
न्नले तु बाला मलिनीभवन्तीम् ।
इमां किमासाद्य नलोऽद्य मृद्वीं
श्रद्धास्यते मामिति चिन्तयेव ॥
सुरेषु मालाममलामपश्य-
न्नले तु बाला मलिनीभवन्तीम् ।
इमां किमासाद्य नलोऽद्य मृद्वीं
श्रद्धास्यते मामिति चिन्तयेव ॥
न्नले तु बाला मलिनीभवन्तीम् ।
इमां किमासाद्य नलोऽद्य मृद्वीं
श्रद्धास्यते मामिति चिन्तयेव ॥
अन्वयः
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बाला सुरेषु अमलां मालाम् अपश्यत्, नले तु 'अद्य मृद्वीम् इमां (मालाम्) आसाद्य नलः मां किं श्रद्धास्यते?' इति चिन्तया इव मलिनीभवन्तीं (मालाम् अपश्यत्) ।
Summary
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The young lady saw that the garlands on the gods were unfading. On Nala, however, she saw a wilting garland, as if it were fading with the thought, "Having obtained this delicate garland today, will Nala believe me (Damayanti)?"
पदच्छेदः
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| सुरेषु | सुर (७.३) | on the gods |
| मालाम् | माला (२.१) | a garland |
| अमलाम् | अमल (२.१) | unfading |
| अपश्यत् | अपश्यत् (√दृश् कर्तरि लङ् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) | she saw |
| नले | नल (७.१) | on Nala |
| तु | तु | however |
| बाला | बाला (१.१) | the young lady |
| मलिनीभवन्तीम् | मलिनी–मलिनीभवन्ती (√भू+शतृ, २.१) | becoming faded |
| इमाम् | इदम् (२.१) | this |
| किम् | किम् | will |
| आसाद्य | आसाद्य (आ√सद्+ल्यप्) | having obtained |
| नलः | नल (१.१) | Nala |
| अद्य | अद्य | today |
| मृद्वीम् | मृद्वी (२.१) | delicate |
| श्रद्धास्यते | श्रद्धास्यते (श्रत्√धा कर्तरि लृट् (आत्मने.) प्र.पु. एक.) | believe |
| माम् | अस्मद् (२.१) | me |
| इति | इति | thus |
| चिन्तया | चिन्ता (३.१) | with the thought |
| इव | इव | as if |
छन्दः
उपजातिः [११]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| सु | रे | षु | मा | ला | म | म | ला | म | प | श्य |
| न्न | ले | तु | बा | ला | म | लि | नी | भ | व | न्तीम् |
| इ | मां | कि | मा | सा | द्य | न | लो | ऽद्य | मृ | द्वीं |
| श्र | द्धा | स्य | ते | मा | मि | ति | चि | न्त | ये | व |
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