त्यागं महेन्द्रादिचतुष्टस्य
किमभ्यनन्दत्क्रमसूचिरस्य ।
किं प्रेरयामास नले च तन्मां
सा सूक्तिरस्या मम कः प्रमोहः ॥
त्यागं महेन्द्रादिचतुष्टस्य
किमभ्यनन्दत्क्रमसूचिरस्य ।
किं प्रेरयामास नले च तन्मां
सा सूक्तिरस्या मम कः प्रमोहः ॥
किमभ्यनन्दत्क्रमसूचिरस्य ।
किं प्रेरयामास नले च तन्मां
सा सूक्तिरस्या मम कः प्रमोहः ॥
अन्वयः
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अस्य क्रम-सूची महेन्द्र-आदि-चतुष्टस्य त्यागं किम् अभ्यनन्दत्? अस्याः सा सूक्तिः तत् (त्यागं) च नले मां किं प्रेरयामास? मम कः प्रमोहः?
Summary
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(Damayanti's heart reflects:) "Did her speech, indicating the sequence, approve of abandoning the four gods starting with Indra? Did that excellent saying of hers then impel me towards Nala? What delusion was mine?"
पदच्छेदः
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| त्यागम् | त्याग (२.१) | the abandonment |
| महेन्द्रादिचतुष्टस्य | महेन्द्र–आदि–चतुष्टय (६.१) | of the quartet starting with Indra |
| किम् | किम् | did |
| अभ्यनन्दत् | अभ्यनन्दत् (अभि√नन्द् कर्तरि लङ् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) | approve of |
| क्रमसूचिः | क्रम–सूचि (१.१) | indicating the sequence |
| अस्य | इदम् (६.१) | her (speech's) |
| किम् | किम् | did |
| प्रेरयामास | प्रेरयामास (प्र√ईर् +णिच् कर्तरि लिट् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) | impel |
| नले | नल (७.१) | towards Nala |
| च | च | and |
| तत् | तद् (१.१) | that |
| माम् | अस्मद् (२.१) | me |
| सा | तद् (१.१) | that |
| सूक्तिः | सूक्ति (१.१) | excellent saying |
| अस्याः | इदम् (६.१) | her |
| मम | अस्मद् (६.१) | my |
| कः | किम् (१.१) | what |
| प्रमोहः | प्रमोह (१.१) | delusion |
छन्दः
इन्द्रवज्रा [११: ततजगग]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| त्या | गं | म | हे | न्द्रा | दि | च | तु | ष्ट | स्य | |
| कि | म | भ्य | न | न्द | त्क्र | म | सू | चि | र | स्य |
| किं | प्रे | र | या | मा | स | न | ले | च | त | न्मां |
| सा | सू | क्ति | र | स्या | म | म | कः | प्र | मो | हः |
| त | त | ज | ग | ग | ||||||
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