मुग्धा दधामि कथमित्थमथापशङ्कां
संक्रन्दनादिकपटः स्फुटमीदृशोऽयम् ।
देव्यानयैव रचिता हि तथा तथैषां
गाथा यथा दिगधिपानपि ताः स्पृशन्ति ॥
मुग्धा दधामि कथमित्थमथापशङ्कां
संक्रन्दनादिकपटः स्फुटमीदृशोऽयम् ।
देव्यानयैव रचिता हि तथा तथैषां
गाथा यथा दिगधिपानपि ताः स्पृशन्ति ॥
संक्रन्दनादिकपटः स्फुटमीदृशोऽयम् ।
देव्यानयैव रचिता हि तथा तथैषां
गाथा यथा दिगधिपानपि ताः स्पृशन्ति ॥
अन्वयः
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अथ मुग्धा (अहं) कथम् इत्थम् अपशङ्कां दधामि? अयं संक्रन्दन-आदि-कपटः ईदृशः स्फुटम् (अस्ति) । हि अनया देव्या एव एषां गाथा तथा तथा रचिता यथा ताः दिक्-अधिपान् अपि स्पृशन्ति ।
Summary
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"But why do I, a simple woman, entertain such a doubt? This deception by Indra and the other gods is clearly of this nature. For, the goddess Sarasvati herself composed their praises in such a way that the descriptions apply even to the guardians of the directions."
पदच्छेदः
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| मुग्धा | मुग्ध (√मुह्+क्त, १.१) | Being a simple woman |
| दधामि | दधामि (√धा कर्तरि लट् (परस्मै.) उ.पु. एक.) | I entertain |
| कथम् | कथम् | why |
| इत्थम् | इत्थम् | such |
| अथ | अथ | But |
| अपशङ्काम् | अपशङ्का (२.१) | a doubt |
| संक्रन्दनादिकपटः | संक्रन्दन–आदि–कपट (१.१) | the deception by Indra and others |
| स्फुटम् | स्फुटम् | is clear |
| ईदृशः | ईदृश (१.१) | of this kind |
| अयम् | इदम् (१.१) | this |
| देव्या | देवी (३.१) | by the goddess (Sarasvati) |
| अनया | इदम् (३.१) | by this |
| एव | एव | indeed |
| रचिता | रचित (√रच्+क्त, १.१) | was composed |
| हि | हि | For |
| तथा | तथा | in such a way |
| तथा | तथा | and such a way |
| एषां | एतद् (६.३) | their |
| गाथा | गाथा (१.१) | praise |
| यथा | यथा | that |
| दिगधिपान् | दिक्–अधिप (२.३) | the guardians of the directions |
| अपि | अपि | even |
| ताः | तद् (१.३) | they |
| स्पृशन्ति | स्पृशन्ति (√स्पृश् कर्तरि लट् (परस्मै.) प्र.पु. बहु.) | touch upon |
छन्दः
वसन्ततिलका [१४: तभजजगग]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ | १२ | १३ | १४ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| मु | ग्धा | द | धा | मि | क | थ | मि | त्थ | म | था | प | श | ङ्कां |
| सं | क्र | न्द | ना | दि | क | प | टः | स्फु | ट | मी | दृ | शो | ऽयम् |
| दे | व्या | न | यै | व | र | चि | ता | हि | त | था | त | थै | षां |
| गा | था | य | था | दि | ग | धि | पा | न | पि | ताः | स्पृ | श | न्ति |
| त | भ | ज | ज | ग | ग | ||||||||
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