किं वा तनोति मयि नैषध एव काव-
व्यूहं विधाय परिहासमसौ विलासी ।
विज्ञानवैभवभृतः किमु तस्य विद्या
सा विद्यते न तुरगाशयवेदितेव ॥
किं वा तनोति मयि नैषध एव काव-
व्यूहं विधाय परिहासमसौ विलासी ।
विज्ञानवैभवभृतः किमु तस्य विद्या
सा विद्यते न तुरगाशयवेदितेव ॥
व्यूहं विधाय परिहासमसौ विलासी ।
विज्ञानवैभवभृतः किमु तस्य विद्या
सा विद्यते न तुरगाशयवेदितेव ॥
अन्वयः
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किं वा असौ विलासी नैषधः एव कावव्यूहं विधाय मयि परिहासं तनोति? किमु विज्ञान-वैभव-भृतः तस्य तुरग-आशय-वेदिता इव सा विद्या न विद्यते?
Summary
AI
"Or is that playful Nala himself playing a joke on me by creating this magical array of forms? Does he, who possesses the glory of knowledge, not also possess a magical science, just as he possesses the science of understanding the hearts of horses?"
पदच्छेदः
AI
| किं | किम् | Or |
| वा | वा | perhaps |
| तनोति | तनोति (√तन् कर्तरि लट् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) | is playing |
| मयि | अस्मद् (७.१) | on me |
| नैषधः | नैषध (१.१) | Nala |
| एव | एव | himself |
| कावव्यूहं | कावव्यूह (२.१) | a magical array of forms |
| विधाय | विधाय (वि√धा+ल्यप्) | having created |
| परिहासम् | परिहास (२.१) | a joke |
| असौ | अदस् (१.१) | that |
| विलासी | विलासिन् (१.१) | playful one |
| विज्ञानवैभवभृतः | विज्ञान–वैभव–भृत् (६.१) | of him who possesses the glory of knowledge |
| किमु | किमु | Does |
| तस्य | तद् (६.१) | he |
| विद्या | विद्या (१.१) | science (of magic) |
| सा | तद् (१.१) | that |
| विद्यते | विद्यते (√विद् कर्तरि लट् (आत्मने.) प्र.पु. एक.) | exist |
| न | न | not |
| तुरगाशयवेदिता | तुरग–आशय–वेदिता (१.१) | the knowledge of horses' hearts |
| इव | इव | like |
छन्दः
वसन्ततिलका [१४: तभजजगग]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ | १२ | १३ | १४ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| किं | वा | त | नो | ति | म | यि | नै | ष | ध | ए | व | का | व |
| व्यू | हं | वि | धा | य | प | रि | हा | स | म | सौ | वि | ला | सी |
| वि | ज्ञा | न | वै | भ | व | भृ | तः | कि | मु | त | स्य | वि | द्या |
| सा | वि | द्य | ते | न | तु | र | गा | श | य | वे | दि | ते | व |
| त | भ | ज | ज | ग | ग | ||||||||
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