सस्यन्दनैः प्रवहणैः प्रतिकूलपातं
का वाहिनी न तनुते पुनरस्य नाम ।
तस्या विलासवति कर्कशताश्रिता या
भूमः कथम्बहुतयासिकता वयं ताः ॥
सस्यन्दनैः प्रवहणैः प्रतिकूलपातं
का वाहिनी न तनुते पुनरस्य नाम ।
तस्या विलासवति कर्कशताश्रिता या
भूमः कथम्बहुतयासिकता वयं ताः ॥
का वाहिनी न तनुते पुनरस्य नाम ।
तस्या विलासवति कर्कशताश्रिता या
भूमः कथम्बहुतयासिकता वयं ताः ॥
अन्वयः
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विलासवति, अस्य का वाहिनी नाम सस्यन्दनैः प्रवहणैः प्रतिकूलपातं पुनः न तनुते? तस्याः भूम्नः बहुतया कर्कशताश्रिता या असिकता (अस्ति), ताः कथं वयं (भवामः)?
Summary
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O graceful one, which river (army) does not flow backwards with its chariots and boats towards him (the ocean)? As for the harshness of its sands (swords), which are abundant due to its vastness, how can we even compare to them?
पदच्छेदः
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| सस्यन्दनैः | सस्यन्दन (३.३) | with chariots |
| प्रवहणैः | प्रवहण (३.३) | with boats |
| प्रतिकूलपातम् | प्रतिकूलपातम् (२.१) | flowing backwards |
| का | किम् (१.१) | which |
| वाहिनी | वाहिनी (१.१) | river (or army) |
| न | न | not |
| तनुते | तनुते (√तन् कर्तरि लट् (आत्मने.) प्र.पु. एक.) | does |
| पुनः | पुनर् | again |
| अस्य | इदम् (६.१) | his |
| नाम | नाम | indeed |
| तस्याः | तद् (६.१) | of that (army/ocean) |
| विलासवति | विलासवती (८.१) | O graceful one |
| कर्कशताश्रिता | कर्कशताश्रिता (१.१) | resorting to harshness |
| या | यद् (१.१) | which |
| भूम्नः | भूमन् (६.१) | of its vastness |
| कथम् | कथम् | how |
| बहुतया | बहुता (३.१) | by its abundance |
| असिकता | असिकता (१.१) | sand (or swords) |
| वयम् | अस्मद् (१.३) | we |
| ताः | तद् (१.३) | they |
छन्दः
वसन्ततिलका [१४: तभजजगग]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ | १२ | १३ | १४ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| स | स्य | न्द | नैः | प्र | व | ह | णैः | प्र | ति | कू | ल | पा | तं |
| का | वा | हि | नी | न | त | नु | ते | पु | न | र | स्य | ना | म |
| त | स्या | वि | ला | स | व | ति | क | र्क | श | ता | श्रि | ता | या |
| भू | मः | क | थ | म्ब | हु | त | या | सि | क | ता | व | यं | ताः |
| त | भ | ज | ज | ग | ग | ||||||||
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