मित्त्रप्रियोपजननं प्रति हेतुरस्य
संज्ञा श्रुतासुहृदयं न जनस्य कस्य ।
छायेदृगस्य च न कुत्रचिदध्यगायि
तप्तं यमेन नियमेन तपोऽमुनैव ॥
मित्त्रप्रियोपजननं प्रति हेतुरस्य
संज्ञा श्रुतासुहृदयं न जनस्य कस्य ।
छायेदृगस्य च न कुत्रचिदध्यगायि
तप्तं यमेन नियमेन तपोऽमुनैव ॥
संज्ञा श्रुतासुहृदयं न जनस्य कस्य ।
छायेदृगस्य च न कुत्रचिदध्यगायि
तप्तं यमेन नियमेन तपोऽमुनैव ॥
अन्वयः
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अस्य संज्ञा मित्त्र-प्रिय-उपजननम् प्रति हेतुः (अस्ति) । (अस्य संज्ञा) श्रुता (सती) कस्य जनस्य असु-हृदयम् न (करोति)? अस्य ईदृक् छाया च कुत्रचित् न अध्यगायि । अमुना एव यमेन नियमेन तपः तप्तम् ।
Summary
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This verse describes Varuna. His name ('Mitra') is a cause for bringing delight to friends. Upon hearing it, whose enemy's heart is not displeased? A shadow like his has never been perceived anywhere. Indeed, by this one alone, austerity has been performed with self-control and observance.
पदच्छेदः
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| मित्त्र-प्रिय-उपजननम् | मित्र–प्रिय–उपजनन (२.१) | the creation of pleasure for friends |
| प्रति | प्रति | towards |
| हेतुः | हेतु (१.१) | the cause |
| अस्य | इदम् (६.१) | his |
| संज्ञा | संज्ञा (१.१) | name |
| श्रुता | श्रुत (√श्रु+क्त, १.१) | heard |
| असु-हृदयम् | असुहृदय (२.१) | the heart of enemies (displeased) |
| न | न | not |
| जनस्य | जन (६.१) | of a person |
| कस्य | किम् (६.१) | of which |
| छाया | छाया (१.१) | shadow |
| ईदृक् | ईदृक् (१.१) | such |
| अस्य | इदम् (६.१) | his |
| च | च | and |
| न | न | not |
| कुत्रचित् | कुत्रचित् | anywhere |
| अध्यगायि | अध्यगायि (अधि√इ भावकर्मणोः लुङ् (आत्मने.) प्र.पु. एक.) | was perceived |
| तप्तम् | तप्त (√तप्+क्त, १.१) | performed |
| यमेन | यम (३.१) | by self-control |
| नियमेन | नियम (३.१) | by observance |
| तपः | तपस् (१.१) | austerity |
| अमुना | अदस् (३.१) | by this one |
| एव | एव | indeed |
छन्दः
वसन्ततिलका [१४: तभजजगग]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ | १२ | १३ | १४ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| मि | त्त्र | प्रि | यो | प | ज | न | नं | प्र | ति | हे | तु | र | स्य |
| सं | ज्ञा | श्रु | ता | सु | हृ | द | यं | न | ज | न | स्य | क | स्य |
| छा | ये | दृ | ग | स्य | च | न | कु | त्र | चि | द | ध्य | गा | यि |
| त | प्तं | य | मे | न | नि | य | मे | न | त | पो | ऽमु | नै | व |
| त | भ | ज | ज | ग | ग | ||||||||
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