अपां विहारे तव हारविभ्रमं
करोतु नीरे पृषदुत्करस्तरन् ।
कठोरपीनोच्चकुचद्वयीतट-
त्रुट्यत्तरः सारवसारवोर्मिजः ॥
अपां विहारे तव हारविभ्रमं
करोतु नीरे पृषदुत्करस्तरन् ।
कठोरपीनोच्चकुचद्वयीतट-
त्रुट्यत्तरः सारवसारवोर्मिजः ॥
करोतु नीरे पृषदुत्करस्तरन् ।
कठोरपीनोच्चकुचद्वयीतट-
त्रुट्यत्तरः सारवसारवोर्मिजः ॥
अन्वयः
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अपाम् विहारे, सारव-सारव-ऊर्मि-जः, कठोर-पीन-उच्च-कुच-द्वयी-तटे त्रुट्यत्-तरः, तरन् पृषत्-उत्करः नीरे तव हार-विभ्रमम् करोतु ।
Summary
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(Sarasvati says) "During your water-sports with him, let the multitude of floating water droplets, born from the murmuring waves and breaking apart upon the slopes of your firm, plump, and high breasts, create the illusion of a pearl necklace on you in the water."
पदच्छेदः
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| अपाम् | अप् (६.३) | of water |
| विहारे | विहार (७.१) | in sports |
| तव | युष्मद् (६.१) | your |
| हार | हार | necklace's |
| विभ्रमम् | विभ्रम (२.१) | illusion |
| करोतु | करोतु (√कृ कर्तरि लोट् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) | let it create |
| नीरे | नीर (७.१) | in the water |
| पृषत् | पृषत् | droplets' |
| उत्करः | उत्कर (१.१) | a multitude |
| तरन् | तरत् (√तृ+शतृ, १.१) | floating |
| कठोर | कठोर | hard |
| पीन | पीन | plump |
| उच्च | उच्च | high |
| कुच | कुच | breasts |
| द्वयी | द्वयी | pair's |
| तट | तट | on the slope |
| त्रुट्यत् | त्रुट्यत् (√त्रुट्+शतृ) | breaking |
| तरः | तर (१.१) | more |
| सारव | सारव | murmuring |
| सारव | सारव | murmuring |
| ऊर्मि | ऊर्मि | waves |
| जः | ज (१.१) | born from |
छन्दः
वंशस्थम् [१२: जतजर]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ | १२ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| अ | पां | वि | हा | रे | त | व | हा | र | वि | भ्र | मं |
| क | रो | तु | नी | रे | पृ | ष | दु | त्क | र | स्त | रन् |
| क | ठो | र | पी | नो | च्च | कु | च | द्व | यी | त | ट |
| त्रु | ट्य | त्त | रः | सा | र | व | सा | र | वो | र्मि | जः |
| ज | त | ज | र | ||||||||
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