अध्याहारः स्मरहरशिरश्चन्द्रशेषस्य शेष-
स्याहेर्भूयः फणसमुचितः काययष्टीनिकायः ।
दुग्धाम्भोधेर्मुनिचुलकनत्रासनाशाभ्युपायः
कायव्यूहः क्व जगति न जागर्त्यदःकीर्तिपूरः ॥
अध्याहारः स्मरहरशिरश्चन्द्रशेषस्य शेष-
स्याहेर्भूयः फणसमुचितः काययष्टीनिकायः ।
दुग्धाम्भोधेर्मुनिचुलकनत्रासनाशाभ्युपायः
कायव्यूहः क्व जगति न जागर्त्यदःकीर्तिपूरः ॥
स्याहेर्भूयः फणसमुचितः काययष्टीनिकायः ।
दुग्धाम्भोधेर्मुनिचुलकनत्रासनाशाभ्युपायः
कायव्यूहः क्व जगति न जागर्त्यदःकीर्तिपूरः ॥
अन्वयः
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अदःकीर्तिपूरः स्मरहरशिरश्चन्द्रशेषस्य शेषस्य अहेः भूयः फणसमुचितः काययष्टीनिकायः अध्याहारः, दुग्धाम्भोधेः मुनिचुलकनत्रासनाशाभ्युपायः कायव्यूहः (च अस्ति), (सः) जगति क्व न जागर्ति?
Summary
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Where in the world is the flood of this king's fame not renowned? It is like a supplement to the remaining body of the serpent Shesha, whose hoods were taken for Shiva's crescent moon. It is a bodily manifestation that serves as a remedy for the milk ocean's fear of being sipped dry by the sage Agastya.
पदच्छेदः
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| अध्याहारः | अध्याहार (१.१) | a supplement |
| स्मरहरशिरश्चन्द्रशेषस्य | स्मरहर–शिरस्–चन्द्र–शेष (६.१) | of the remainder of the moon on Shiva's head |
| शेषस्य | शेष (६.१) | of Shesha |
| अहेः | अहि (६.१) | the serpent's |
| भूयः | भूयस् | again |
| फणसमुचितः | फण–समुचित (१.१) | a collection of hoods |
| काययष्टीनिकायः | काययष्टि–निकाय (१.१) | a multitude of slender bodies |
| दुग्धाम्भोधेः | दुग्धाम्भोधि (६.१) | of the ocean of milk |
| मुनिचुलकनत्रासनाशाभ्युपायः | मुनि–चुलकन–त्रास–नाश–अभ्युपाय (१.१) | a means to destroy the fear of being sipped by the sage (Agastya) |
| कायव्यूहः | कायव्यूह (१.१) | a bodily manifestation |
| क्व | क्व | where |
| जगति | जगत् (७.१) | in the world |
| न | न | not |
| जागर्ति | जागर्ति (√जागृ कर्तरि लट् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) | is renowned |
| अदःकीर्तिपूरः | अदस्–कीर्ति–पूर (१.१) | the flood of this one's fame |
छन्दः
मन्दाक्रान्ता [१७: मभनततगग]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ | १२ | १३ | १४ | १५ | १६ | १७ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| अ | ध्या | हा | रः | स्म | र | ह | र | शि | र | श्च | न्द्र | शे | ष | स्य | शे | ष |
| स्या | हे | र्भू | यः | फ | ण | स | मु | चि | तः | का | य | य | ष्टी | नि | का | यः |
| दु | ग्धा | म्भो | धे | र्मु | नि | चु | ल | क | न | त्रा | स | ना | शा | भ्यु | पा | यः |
| का | य | व्यू | हः | क्व | ज | ग | ति | न | जा | ग | र्त्य | दः | की | र्ति | पू | रः |
| म | भ | न | त | त | ग | ग | ||||||||||
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