मयि स्थितिर्नम्रतयैव लभ्यते
दिगेव तु स्तब्धतया विलङ्घ्यते ।
इतीव चापं दधदाशुगं क्षिप-
न्नयं नयं सम्यगुपादिशद्द्विषाम् ॥
मयि स्थितिर्नम्रतयैव लभ्यते
दिगेव तु स्तब्धतया विलङ्घ्यते ।
इतीव चापं दधदाशुगं क्षिप-
न्नयं नयं सम्यगुपादिशद्द्विषाम् ॥
दिगेव तु स्तब्धतया विलङ्घ्यते ।
इतीव चापं दधदाशुगं क्षिप-
न्नयं नयं सम्यगुपादिशद्द्विषाम् ॥
अन्वयः
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अयम् चापम् दधत् आशुगम् क्षिपन्, “मयि (चापे) स्थितिः नम्रतया (नमनक्रियया) एव लभ्यते, दिक् तु स्तब्धतया (अनमनक्रियया) एव विलङ्घ्यते” इति इव द्विषाम् नयम् सम्यक् उपादिशत्।
Summary
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This king, while holding his bow and shooting an arrow, seemed to teach his enemies a proper policy, as if the bow and arrow were saying: 'A stable position on me (the bow) is gained only by bending, but a direction (the target) is crossed only by stiffness (of the arrow).' This serves as a metaphor for political conduct.
पदच्छेदः
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| मयि | अस्मद् (७.१) | In me |
| स्थितिः | स्थिति (१.१) | a position |
| नम्रतया | नम्रता (३.१) | by bending |
| एव | एव | only |
| लभ्यते | लभ्यते (√लभ् भावकर्मणोः लट् (आत्मने.) प्र.पु. एक.) | is obtained |
| दिक् | दिश् (१.१) | direction |
| एव | एव | only |
| तु | तु | but |
| स्तब्धतया | स्तब्धता (३.१) | by stiffness |
| विलङ्घ्यते | विलङ्घ्यते (वि√लङ्घ् भावकर्मणोः लट् (आत्मने.) प्र.पु. एक.) | is crossed |
| इति | इति | thus |
| इव | इव | as if |
| चापम् | चाप (२.१) | a bow |
| दधत् | दधत् (√धा+शतृ, १.१) | holding |
| आशुगम् | आशुग (२.१) | an arrow |
| क्षिपन् | क्षिपन् (√क्षिप्+शतृ, १.१) | shooting |
| अयम् | इदम् (१.१) | this one |
| नयम् | नय (२.१) | policy |
| सम्यक् | सम्यक् | properly |
| उपादिशत् | उपादिशत् (उप√दिश् कर्तरि लङ् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) | taught |
| द्विषाम् | द्विष् (६.३) | to the enemies |
छन्दः
वंशस्थम् [१२: जतजर]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ | १२ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| म | यि | स्थि | ति | र्न | म्र | त | यै | व | ल | भ्य | ते |
| दि | गे | व | तु | स्त | ब्ध | त | या | वि | ल | ङ्घ्य | ते |
| इ | ती | व | चा | पं | द | ध | दा | शु | गं | क्षि | प |
| न्न | यं | न | यं | स | म्य | गु | पा | दि | श | द्द्वि | षाम् |
| ज | त | ज | र | ||||||||
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