तस्मिन्नेतेन यूना सह विहर पयःकेलिवेलासु बाले
नालेनास्तु त्वदक्षिप्रतिफलनभिदा तत्र नीलोत्पलानाम् ।
तत्पाथोदेवतानां विशतु तव तनुच्छायमेवाधिकारे
तत्फुल्लाम्भोजराज्ये भवतु च भवदीयाननस्याभिषेकः ॥
तस्मिन्नेतेन यूना सह विहर पयःकेलिवेलासु बाले
नालेनास्तु त्वदक्षिप्रतिफलनभिदा तत्र नीलोत्पलानाम् ।
तत्पाथोदेवतानां विशतु तव तनुच्छायमेवाधिकारे
तत्फुल्लाम्भोजराज्ये भवतु च भवदीयाननस्याभिषेकः ॥
नालेनास्तु त्वदक्षिप्रतिफलनभिदा तत्र नीलोत्पलानाम् ।
तत्पाथोदेवतानां विशतु तव तनुच्छायमेवाधिकारे
तत्फुल्लाम्भोजराज्ये भवतु च भवदीयाननस्याभिषेकः ॥
अन्वयः
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बाले, तस्मिन् एतेन यूना सह पयः-केलि-वेलासु विहर । तत्र त्वत्-अक्षि-प्रतिफलन-भिदा नील-उत्पलानाम् अलेन न अस्तु । तव तनु-च्छायम् एव तत्-पाथः-देवतानाम् अधिकारे विशतु । तत्-फुल्ल-अम्भोज-राज्ये च भवदीय-आननस्य अभिषेकः भवतु ।
Summary
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'O girl, sport with this youth in that pond during water-games. Let there be no distinguishing the blue lotuses from the reflection of your eyes. Let the splendor of your body alone enter the domain of the water deities. And in that kingdom of blooming lotuses, let your face be coronated.'
पदच्छेदः
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| तस्मिन् | तद् (७.१) | in that |
| एतेन | एतद् (३.१) | with this |
| यूना | यून (३.१) | youth |
| सह | सह | with |
| विहर | विहर (वि√हृ कर्तरि लोट् (परस्मै.) म.पु. एक.) | sport |
| पयःकेलिवेलासु | पयस्–केलि–वेला (७.३) | at the times of water-sports |
| बाले | बाला (८.१) | O girl |
| न | न | not |
| अलेन | अल (३.१) | enough of |
| अस्तु | अस्तु (√अस् कर्तरि लोट् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) | let there be |
| त्वदक्षिप्रतिफलनभिदा | त्वद्–अक्षि–प्रतिफलन–भिदा (१.१) | the difference from the reflection of your eyes |
| तत्र | तत्र | there |
| नीलोत्पलानाम् | नीलोत्पल (६.३) | of the blue lotuses |
| तत्पाथोदेवतानां | तद्–पाथस्–देवता (६.३) | of the deities of that water |
| विशतु | विशतु (√विश् कर्तरि लोट् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) | let it enter |
| तव | युष्मद् (६.१) | your |
| तनुच्छायम् | तनु–छाय (२.१) | the reflection of your body |
| एव | एव | only |
| अधिकारे | अधिकार (७.१) | in the domain |
| तत्फुल्लाम्भोजराज्ये | तद्–फुल्ल–अम्भोज–राज्य (७.१) | in that kingdom of blooming lotuses |
| भवतु | भवतु (√भू कर्तरि लोट् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) | let it be |
| च | च | and |
| भवदीयाननस्य | भवदीय–आनन (६.१) | of your face |
| अभिषेकः | अभिषेक (१.१) | coronation |
छन्दः
स्रग्धरा [२१: मरभनययय]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ | १२ | १३ | १४ | १५ | १६ | १७ | १८ | १९ | २० | २१ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| त | स्मि | न्ने | ते | न | यू | ना | स | ह | वि | ह | र | प | यः | के | लि | वे | ला | सु | बा | ले |
| ना | ले | ना | स्तु | त्व | द | क्षि | प्र | ति | फ | ल | न | भि | दा | त | त्र | नी | लो | त्प | ला | नाम् |
| त | त्पा | थो | दे | व | ता | नां | वि | श | तु | त | व | त | नु | च्छा | य | मे | वा | धि | का | रे |
| त | त्फु | ल्ला | म्भो | ज | रा | ज्ये | भ | व | तु | च | भ | व | दी | या | न | न | स्या | भि | षे | कः |
| म | र | भ | न | य | य | य | ||||||||||||||
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