तां मत्स्यलाञ्छनदराञ्छितचापभासा
नीराजितभ्रुवमभाषत भाषितेशा ।
व्रीडाजडे किमपि सूचय चेतसा
चेत्क्रीडारसं वहसि गौडविडौजसीह ॥
तां मत्स्यलाञ्छनदराञ्छितचापभासा
नीराजितभ्रुवमभाषत भाषितेशा ।
व्रीडाजडे किमपि सूचय चेतसा
चेत्क्रीडारसं वहसि गौडविडौजसीह ॥
नीराजितभ्रुवमभाषत भाषितेशा ।
व्रीडाजडे किमपि सूचय चेतसा
चेत्क्रीडारसं वहसि गौडविडौजसीह ॥
अन्वयः
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भाषितेशा, मत्स्यलाञ्छन-दर-आञ्छित-चाप-भासा नीराजितभ्रुवम् ताम् अभाषत - "हे व्रीडाजडे, इह गौडविडौजसि चेत् क्रीडारसम् वहसि, (तर्हि) चेतसा किम् अपि सूचय" ।
Summary
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The mistress of speech, Sarasvati, spoke to her (Damayanti), whose eyebrows were honored by the lustre of Kamadeva's bow: "O you who are paralyzed by shyness, if you feel any amorous sentiment for this Indra of the Gauda kingdom, indicate it somehow with your heart."
पदच्छेदः
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| ताम् | तद् (२.१) | to her |
| मत्स्यलाञ्छनदराञ्छितचापभासा | मत्स्य–लाञ्छन–दर–आञ्छित–चाप–भास् (३.१) | by the lustre of the bow slightly marked with the sign of a fish |
| नीराजितभ्रुवम् | नीराजित (निस्+आ√राज्+णिच्+क्त)–भ्रू (२.१) | whose eyebrows were honored |
| अभाषत | अभाषत (√भाष् कर्तरि लङ् (आत्मने.) प्र.पु. एक.) | spoke |
| भाषितेशा | भाषित–ईशा (१.१) | the mistress of speech |
| व्रीडाजडे | व्रीडा–जडा (८.१) | O one stupefied by shyness |
| किम् | किम् | something |
| अपि | अपि | even |
| सूचय | सूचय (√सूच् कर्तरि लोट् (परस्मै.) म.पु. एक.) | indicate |
| चेतसा | चेतस् (३.१) | with your heart |
| चेत् | चेत् | if |
| क्रीडारसम् | क्रीडा–रस (२.१) | the sentiment of amorous sport |
| वहसि | वहसि (√वह् कर्तरि लट् (परस्मै.) म.पु. एक.) | you feel |
| गौडविडौजसि | गौड–विडौजस् (७.१) | in this Indra of Gauda |
| इह | इह | here |
छन्दः
वसन्ततिलका [१४: तभजजगग]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ | १२ | १३ | १४ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| तां | म | त्स्य | ला | ञ्छ | न | द | रा | ञ्छि | त | चा | प | भा | सा |
| नी | रा | जि | त | भ्रु | व | म | भा | ष | त | भा | षि | ते | शा |
| व्री | डा | ज | डे | कि | म | पि | सू | च | य | चे | त | सा | चे |
| त्क्री | डा | र | सं | व | ह | सि | गौ | ड | वि | डौ | ज | सी | ह |
| त | भ | ज | ज | ग | ग | ||||||||
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