अम्भोजगर्भरुचिराथ विदर्भसुभ्रूः
तं गर्भरूपमपि रूपजितत्रिलोकम् ।
वैराग्यरूक्षमवलोकयति स्म भूपं
दृष्टिः पुरत्रयरिपोरिव पुष्पचापम् ॥
अम्भोजगर्भरुचिराथ विदर्भसुभ्रूः
तं गर्भरूपमपि रूपजितत्रिलोकम् ।
वैराग्यरूक्षमवलोकयति स्म भूपं
दृष्टिः पुरत्रयरिपोरिव पुष्पचापम् ॥
तं गर्भरूपमपि रूपजितत्रिलोकम् ।
वैराग्यरूक्षमवलोकयति स्म भूपं
दृष्टिः पुरत्रयरिपोरिव पुष्पचापम् ॥
अन्वयः
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अथ अम्भोज-गर्भ-रुचिरा विदर्भ-सुभ्रूः, पुर-त्रय-रिपोः दृष्टिः पुष्प-चापम् इव, गर्भ-रूपम् अपि रूप-जित-त्रिलोकम् तम् भूपम् वैराग्य-रूक्षम् अवलोकयति स्म ।
Summary
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Then Damayanti, the beautiful-browed lady of Vidarbha, lovely as a lotus's interior, looked at that king—who had conquered the three worlds with his beauty yet had a hidden form—with a gaze harsh with dispassion, just as Shiva's gaze once looked upon Kamadeva.
पदच्छेदः
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| अम्भोज-गर्भ-रुचिरा | अम्भोज–गर्भ–रुचिर (१.१) | she who is as beautiful as the interior of a lotus |
| अथ | अथ | then |
| विदर्भ-सुभ्रूः | विदर्भ–सुभ्रू (१.१) | the beautiful-browed lady of Vidarbha |
| तम् | तद् (२.१) | that |
| गर्भ-रूपम् | गर्भ–रूप (२.१) | one with a hidden form |
| अपि | अपि | even |
| रूप-जित-त्रिलोकम् | रूप–जित (√जि+क्त)–त्रिलोक (२.१) | one who has conquered the three worlds with his beauty |
| वैराग्य-रूक्षम् | वैराग्य–रूक्ष (२.१) | harshly with dispassion |
| अवलोकयति | अवलोकयति स्म (अव√लोक् लट् प्र.पु. एक.) | looked at |
| स्म | स्म | (past tense marker) |
| भूपम् | भूप (२.१) | king |
| दृष्टिः | दृष्टि (१.१) | gaze |
| पुर-त्रय-रिपोः | पुर–त्रय–रिपु (६.१) | of the enemy of the three cities (Shiva) |
| इव | इव | like |
| पुष्प-चापम् | पुष्प–चाप (२.१) | the flower-bowed one (Kamadeva) |
छन्दः
वसन्ततिलका [१४: तभजजगग]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ | १२ | १३ | १४ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| अ | म्भो | ज | ग | र्भ | रु | चि | रा | थ | वि | द | र्भ | सु | भ्रूः |
| तं | ग | र्भ | रू | प | म | पि | रू | प | जि | त | त्रि | लो | कम् |
| वै | रा | ग्य | रू | क्ष | म | व | लो | क | य | ति | स्म | भू | पं |
| दृ | ष्टिः | पु | र | त्र | य | रि | पो | रि | व | पु | ष्प | चा | पम् |
| त | भ | ज | ज | ग | ग | ||||||||
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