ब्रूमः किमस्य नलमप्यलमाजुहूषोः
कीर्तिं स चैष च समादिशतः स्म कर्तुम् ।
स्वद्वीपसीमसरिदीश्वरपूरपार-
वेलाचलाक्रमणविक्रममक्रमेण ॥
ब्रूमः किमस्य नलमप्यलमाजुहूषोः
कीर्तिं स चैष च समादिशतः स्म कर्तुम् ।
स्वद्वीपसीमसरिदीश्वरपूरपार-
वेलाचलाक्रमणविक्रममक्रमेण ॥
कीर्तिं स चैष च समादिशतः स्म कर्तुम् ।
स्वद्वीपसीमसरिदीश्वरपूरपार-
वेलाचलाक्रमणविक्रममक्रमेण ॥
अन्वयः
AI
अलम् आजुहूषोः अस्य किम् ब्रूमः? सः (नलः) च एषः च अक्रमेण स्व-द्वीप-सीम-सरित्-ईश्वर-पूर-पार-वेला-चल-आक्रमण-विक्रमम् कर्तुम् कीर्तिम् समादिशतः स्म ।
Summary
AI
"What more can we say of this king, who desires to challenge even Nala? Both he and Nala commanded their respective fames to simultaneously perform the feat of assaulting the coastal mountains on the far shores of the oceans that form the boundaries of their islands."
पदच्छेदः
AI
| ब्रूमः | ब्रूमः (√ब्रू लट् उ.पु. बहु.) | we say |
| किम् | किम् (२.१) | what |
| अस्य | इदम् (६.१) | of this one |
| नलम् | नल (२.१) | Nala |
| अपि | अपि | even |
| अलम् | अलम् | greatly |
| आजुहूषोः | आजुहूषु (√हु+सन्+उ, ६.१) | of one who desires to challenge |
| कीर्तिम् | कीर्ति (२.१) | fame |
| सः | तद् (१.१) | he |
| च | च | and |
| एषः | एतद् (१.१) | this one |
| च | च | and |
| समादिशतः | समादिशतः स्म (सम्+आ√दिश् लट् प्र.पु. द्वि.) | they both commanded |
| स्म | स्म | (past tense marker) |
| कर्तुम् | कर्तुम् (√कृ+तुमुन्) | to perform |
| स्व-द्वीप-सीम-सरित्-ईश्वर-पूर-पार-वेला-चल-आक्रमण-विक्रमम् | स्व–द्वीप–सीम–सरित्-ईश्वर–पूर–पार–वेला-चल–आक्रमण–विक्रम (२.१) | the prowess of assaulting the coastal mountains on the far shores of the oceans bounding their islands |
| अक्रमेण | अक्रमेण (३.१) | simultaneously |
छन्दः
वसन्ततिलका [१४: तभजजगग]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ | १२ | १३ | १४ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| ब्रू | मः | कि | म | स्य | न | ल | म | प्य | ल | मा | जु | हू | षोः |
| की | र्तिं | स | चै | ष | च | स | मा | दि | श | तः | स्म | क | र्तुम् |
| स्व | द्वी | प | सी | म | स | रि | दी | श्व | र | पू | र | पा | र |
| वे | ला | च | ला | क्र | म | ण | वि | क्र | म | म | क्र | मे | ण |
| त | भ | ज | ज | ग | ग | ||||||||
Other texts to read
About
Sanskrit Sahitya is a free, open-access digital library of classical Sanskrit literature with AI-powered tools and translations.