न्यग्रोधनादिव दिवः पतदातपादेः
न्यग्रोधमात्मभरधारमिवावरोहैः ।
तं तस्य पाकिफलनीलदलद्युतिभ्यां
द्वीपस्य पश्य शिखिपत्त्रजमातपत्रम् ॥
न्यग्रोधनादिव दिवः पतदातपादेः
न्यग्रोधमात्मभरधारमिवावरोहैः ।
तं तस्य पाकिफलनीलदलद्युतिभ्यां
द्वीपस्य पश्य शिखिपत्त्रजमातपत्रम् ॥
न्यग्रोधमात्मभरधारमिवावरोहैः ।
तं तस्य पाकिफलनीलदलद्युतिभ्यां
द्वीपस्य पश्य शिखिपत्त्रजमातपत्रम् ॥
अन्वयः
AI
दिवः पतत्-आतपादेः न्यग्रोधनात् इव, अवरोहैः आत्म-भर-धारम् इव स्थितम् तम् न्यग्रोधम्, तस्य द्वीपस्य पाकि-फल-नील-दल-द्युतिभ्याम् शिखि-पत्त्र-जम् आतपत्रम् इव पश्य ।
Summary
AI
See that great Banyan tree, which seems to ward off the falling heat from the sky and support its own weight with its aerial roots. With the lustre of its ripe fruits and dark leaves, it looks like an umbrella made of peacock feathers for that island.
पदच्छेदः
AI
| न्यग्रोधनात् | न्यग्रोधन (५.१) | from the Banyan tree |
| इव | इव | as if |
| दिवः | दिव् (५.१) | from the sky |
| पतदातपादेः | पतत् (√पत्+शतृ)–आतपादि (६.१) | of the falling heat, etc. |
| न्यग्रोधम् | न्यग्रोध (२.१) | the Banyan tree |
| आत्मभरधारम् | आत्म–भर–धार (२.१) | supporting its own weight |
| इव | इव | as if |
| अवरोहैः | अवरोह (३.३) | with its aerial roots |
| तम् | तद् (२.१) | that |
| तस्य | तद् (६.१) | of that |
| पाकिफलनीलदलद्युतिभ्याम् | पाकि–फल–नील–दल–द्युति (३.२) | by the lustre of its ripe fruits and dark leaves |
| द्वीपस्य | द्वीप (६.१) | of the island |
| पश्य | पश्य (√दृश् कर्तरि लोट् (परस्मै.) म.पु. एक.) | see |
| शिखिपत्त्रजम् | शिखिन्–पत्त्र–ज (२.१) | made of peacock feathers |
| आतपत्रम् | आतपत्र (२.१) | umbrella |
छन्दः
वसन्ततिलका [१४: तभजजगग]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ | १२ | १३ | १४ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| न्य | ग्रो | ध | ना | दि | व | दि | वः | प | त | दा | त | पा | देः |
| न्य | ग्रो | ध | मा | त्म | भ | र | धा | र | मि | वा | व | रो | हैः |
| तं | त | स्य | पा | कि | फ | ल | नी | ल | द | ल | द्यु | ति | भ्यां |
| द्वी | प | स्य | प | श्य | शि | खि | प | त्त्र | ज | मा | त | प | त्रम् |
| त | भ | ज | ज | ग | ग | ||||||||
Other texts to read
About
Sanskrit Sahitya is a free, open-access digital library of classical Sanskrit literature with AI-powered tools and translations.