ह्रीसंकुचत्फणगणादुरगप्रधाना-
त्तां राजसङ्घमनयन्त विमानवाहाः ।
संध्यानमद्दलकुलात्कमलाद्विनीय
कह्लारमिन्दुकिरणा इव हासभासम् ॥
ह्रीसंकुचत्फणगणादुरगप्रधाना-
त्तां राजसङ्घमनयन्त विमानवाहाः ।
संध्यानमद्दलकुलात्कमलाद्विनीय
कह्लारमिन्दुकिरणा इव हासभासम् ॥
त्तां राजसङ्घमनयन्त विमानवाहाः ।
संध्यानमद्दलकुलात्कमलाद्विनीय
कह्लारमिन्दुकिरणा इव हासभासम् ॥
अन्वयः
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विमान-वाहाः, सन्ध्या-नमत्-दल-कुलात् कमलात् हास-भासम् कह्लारम् विनीय इव, ह्री-संकुचत्-फण-गणात् उरग-प्रधानात् ताम् राज-सङ्घम् अनयन्त ।
Summary
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The carriers of the celestial car led her away from the serpent chief, whose many hoods were contracting with shame, towards the assembly of kings. This was like the moon's rays leading away a white water-lily, shining like a smile, from a lotus whose petals close at twilight.
पदच्छेदः
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| ह्रीसंकुचत्फणगणात् | ह्री–संकुचत् (सम्√कुच्+शतृ)–फण–गण (५.१) | from the one whose multitude of hoods was contracting with shame |
| उरगप्रधानात् | उरग–प्रधान (५.१) | from the chief of serpents |
| ताम् | तद् (२.१) | her |
| राजसङ्घम् | राज–सङ्घ (२.१) | to the assembly of kings |
| अनयन्त | अनयन्त (√नी कर्तरि लङ् (परस्मै.) प्र.पु. बहु.) | led |
| विमानवाहाः | विमान–वाह (१.३) | the carriers of the celestial car |
| संध्यानमद्दलकुलात् | सन्ध्या–नमत् (√नम्+शतृ)–दल–कुल (५.१) | from the one with a multitude of petals closing at twilight |
| कमलात् | कमल (५.१) | from the lotus |
| विनीय | विनीय (वि√नी+ल्यप्) | having led away |
| कह्लारम् | कह्लार (२.१) | the white water-lily |
| इन्दुकिरणाः | इन्दु–किरण (१.३) | the rays of the moon |
| इव | इव | like |
| हासभासम् | हास–भास (२.१) | shining like a smile |
छन्दः
वसन्ततिलका [१४: तभजजगग]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ | १२ | १३ | १४ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| ह्री | सं | कु | च | त्फ | ण | ग | णा | दु | र | ग | प्र | धा | ना |
| त्तां | रा | ज | स | ङ्घ | म | न | य | न्त | वि | मा | न | वा | हाः |
| सं | ध्या | न | म | द्द | ल | कु | ला | त्क | म | ला | द्वि | नी | य |
| क | ह्ला | र | मि | न्दु | कि | र | णा | इ | व | हा | स | भा | सम् |
| त | भ | ज | ज | ग | ग | ||||||||
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