भूभर्तुरस्य रतिरेधि मृगाक्षि मूर्ता
सोऽयं तवास्तु कुसुमायुध एव मूर्तः ।
भातं च ताविव पुरा गिरिशं विराद्ध-
माराद्धुमाशु पुरि तत्र कृतावतारौ ॥
भूभर्तुरस्य रतिरेधि मृगाक्षि मूर्ता
सोऽयं तवास्तु कुसुमायुध एव मूर्तः ।
भातं च ताविव पुरा गिरिशं विराद्ध-
माराद्धुमाशु पुरि तत्र कृतावतारौ ॥
सोऽयं तवास्तु कुसुमायुध एव मूर्तः ।
भातं च ताविव पुरा गिरिशं विराद्ध-
माराद्धुमाशु पुरि तत्र कृतावतारौ ॥
अन्वयः
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मृगाक्षि! (त्वम्) अस्य भूभर्तुः मूर्ता रतिः एधि । अयम् सः तव मूर्तः कुसुमायुधः एव अस्तु । च तौ (युवाम्) पुरा विराद्धम् गिरिशम् आशु आराध्दुम् तत्र पुरि कृतावतारौ इव भातम् ।
Summary
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O deer-eyed one! Become the incarnate Rati for this king, and let him be the incarnate Kamadeva for you. And you two shine as if you have taken incarnation in that city to quickly propitiate Girisha (Shiva), who was once offended by you (as Kama and Rati in a previous life).
पदच्छेदः
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| भूभर्तुः | भूभर्तृ (६.१) | of the king |
| अस्य | इदम् (६.१) | of this |
| रतिः | रति (१.१) | Rati |
| एधि | एधि (√अस् कर्तरि लोट् (परस्मै.) म.पु. एक.) | be |
| मृगाक्षि | मृगाक्षी (८.१) | O deer-eyed one |
| मूर्ता | मूर्त (√मूर्छ्+क्त+टाप्, १.१) | incarnate |
| सः | तद् (१.१) | he |
| अयम् | इदम् (१.१) | this one |
| तव | युष्मद् (६.१) | your |
| अस्तु | अस्तु (√अस् कर्तरि लोट् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) | let him be |
| कुसुमायुधः | कुसुमायुध (१.१) | Kamadeva (one with flower arrows) |
| एव | एव | indeed |
| मूर्तः | मूर्त (√मूर्छ्+क्त, १.१) | incarnate |
| भातम् | भातम् (√भा कर्तरि लङ् (आत्मने.) प्र.पु. द्वि.) | you two shine |
| च | च | and |
| तौ | तद् (१.२) | you two |
| इव | इव | as if |
| पुरा | पुरा | previously |
| गिरिशम् | गिरिश (२.१) | Girisha (Shiva) |
| विराद्धम् | विराद्ध (वि√राध्+क्त, २.१) | offended |
| आराध्दुम् | आराध्दुम् (आ√राध्+तुमुन्) | to propitiate |
| आशु | आशु | quickly |
| पुरि | पुरि (७.१) | in the city |
| तत्र | तत्र | there |
| कृतावतारौ | कृत–अवतार (१.२) | having taken incarnation |
छन्दः
वसन्ततिलका [१४: तभजजगग]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ | १२ | १३ | १४ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| भू | भ | र्तु | र | स्य | र | ति | रे | धि | मृ | गा | क्षि | मू | र्ता |
| सो | ऽयं | त | वा | स्तु | कु | सु | मा | यु | ध | ए | व | मू | र्तः |
| भा | तं | च | ता | वि | व | पु | रा | गि | रि | शं | वि | रा | द्ध |
| मा | रा | द्धु | मा | शु | पु | रि | त | त्र | कृ | ता | व | ता | रौ |
| त | भ | ज | ज | ग | ग | ||||||||
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