ज्ञानाधिकासि सुकृतान्यधिकाशि कुर्याः
कार्यं किमन्यकथनैरपि यत्र मृत्योः ।
एकं जनाय सतताभयदानमन्य-
द्धन्ये वहत्यमृतसत्त्रमवारितार्थि ॥
ज्ञानाधिकासि सुकृतान्यधिकाशि कुर्याः
कार्यं किमन्यकथनैरपि यत्र मृत्योः ।
एकं जनाय सतताभयदानमन्य-
द्धन्ये वहत्यमृतसत्त्रमवारितार्थि ॥
कार्यं किमन्यकथनैरपि यत्र मृत्योः ।
एकं जनाय सतताभयदानमन्य-
द्धन्ये वहत्यमृतसत्त्रमवारितार्थि ॥
अन्वयः
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(त्वम्) ज्ञानअधिका असि, सुकृतानि अधिकाशि (च असि), (अतः त्वम् एव विचारं) कुर्याः । अन्यकथनैः अपि किम् कार्यम्? यत्र धन्ये (काश्याम्) मृत्योः एकम् (कार्यम्) जनाय सतताभयदानम् (अस्ति), अन्यत् (कार्यम्) अवारितार्थि अमृतसत्त्रम् वहति (इति) ।
Summary
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You are superior in knowledge and enjoy more merits; you should decide for yourself. What is the use of further words? In that blessed city, one of Death's tasks is to grant constant fearlessness to people, and his other is to run a continuous ambrosia-charity hall for all seekers without restriction.
पदच्छेदः
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| ज्ञानाधिकासि | ज्ञान–अधिका (१.१)–असि (√अस् कर्तरि लट् (परस्मै.) म.पु. एक.) | you are superior in knowledge |
| सुकृतानि | सुकृत (२.३) | merits |
| अधिकाशि | अधिकाशिन् (१.१) | one who enjoys more |
| कुर्याः | कुर्याः (√कृ कर्तरि विधिलिङ् (परस्मै.) म.पु. एक.) | you should do/decide |
| कार्यम् | कार्य (१.१) | use/purpose |
| किम् | किम् (१.१) | what |
| अन्यकथनैरपि | अन्य–कथन (३.३)–अपि | even with other words |
| यत्र | यत्र | where |
| मृत्योः | मृत्यु (६.१) | of Death |
| एकम् | एक (१.१) | one (task) |
| जनाय | जन (४.१) | to people |
| सतताभयदानम् | सतत–अभय–दान (१.१) | the constant granting of fearlessness |
| अन्यत् | अन्यद् (१.१) | the other (task) |
| धन्ये | धन्या (७.१) | in the blessed (city) |
| वहति | वहति (√वह् कर्तरि लट् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) | carries on/runs |
| अमृतसत्त्रम् | अमृत–सत्त्र (१.१) | a charity-hall of ambrosia |
| अवारितार्थि | अवारित–अर्थिन् (१.१) | where seekers are not turned away |
छन्दः
वसन्ततिलका [१४: तभजजगग]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ | १२ | १३ | १४ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| ज्ञा | ना | धि | का | सि | सु | कृ | ता | न्य | धि | का | शि | कु | र्याः |
| का | र्यं | कि | म | न्य | क | थ | नै | र | पि | य | त्र | मृ | त्योः |
| ए | कं | ज | ना | य | स | त | ता | भ | य | दा | न | म | न्य |
| द्ध | न्ये | व | ह | त्य | मृ | त | स | त्त्र | म | वा | रि | ता | र्थि |
| त | भ | ज | ज | ग | ग | ||||||||
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