निर्विश्य निर्विरति काशिनिवासि भोगा-
न्निर्माय नर्म च मिथो मिथुनं यथेच्छम् ।
गौरीगिरीशघटनाधिकमेकभावं
शर्मोर्मिकञ्चुकितमञ्चति पञ्चतायाम् ॥
निर्विश्य निर्विरति काशिनिवासि भोगा-
न्निर्माय नर्म च मिथो मिथुनं यथेच्छम् ।
गौरीगिरीशघटनाधिकमेकभावं
शर्मोर्मिकञ्चुकितमञ्चति पञ्चतायाम् ॥
न्निर्माय नर्म च मिथो मिथुनं यथेच्छम् ।
गौरीगिरीशघटनाधिकमेकभावं
शर्मोर्मिकञ्चुकितमञ्चति पञ्चतायाम् ॥
अन्वयः
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काशिनिवासि मिथुनम् निर्विरति भोगान् निर्विश्य, मिथः यथेच्छम् नर्म च निर्माय, पञ्चतायाम् गौरीगिरीशघटनाधिकम् शर्मोर्मिकञ्चुकितम् एकभावम् अञ्चति ।
Summary
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A couple dwelling in Kashi, after ceaselessly enjoying pleasures and making love to each other as they wish, attains at death a state of oneness. This union, enveloped in waves of bliss, surpasses even the union of Gauri and Girisha (Shiva).
पदच्छेदः
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| निर्विश्य | निर्विश्य (निर्√विश्+ल्यप्) | having enjoyed |
| निर्विरति | निर्विरति | without cessation |
| काशिनिवासि | काशि–निवासिन् (१.१) | dwelling in Kashi |
| भोगान् | भोग (२.३) | pleasures |
| निर्माय | निर्माय (निर्√मा+ल्यप्) | having created/made |
| नर्म | नर्मन् (२.१) | love/sport |
| च | च | and |
| मिथः | मिथस् | with each other |
| मिथुनम् | मिथुन (१.१) | a couple |
| यथेच्छम् | यथेच्छम् | as they wish |
| गौरीगिरीशघटनाधिकम् | गौरी–गिरीश–घटना–अधिक (२.१) | surpassing the union of Gauri and Girisha |
| एकभावम् | एक–भाव (२.१) | a state of oneness |
| शर्मोर्मिकञ्चुकितम् | शर्मन्–ऊर्मि–कञ्चुकित (२.१) | enveloped in waves of bliss |
| अञ्चति | अञ्चति (√अञ्च् कर्तरि लट् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) | attains |
| पञ्चतायाम् | पञ्चता (७.१) | at death |
छन्दः
वसन्ततिलका [१४: तभजजगग]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ | १२ | १३ | १४ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| नि | र्वि | श्य | नि | र्वि | र | ति | का | शि | नि | वा | सि | भो | गा |
| न्नि | र्मा | य | न | र्म | च | मि | थो | मि | थु | नं | य | थे | च्छम् |
| गौ | री | गि | री | श | घ | ट | ना | धि | क | मे | क | भा | वं |
| श | र्मो | र्मि | क | ञ्चु | कि | त | म | ञ्च | ति | प | ञ्च | ता | याम् |
| त | भ | ज | ज | ग | ग | ||||||||
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