प्राग्भूय कर्कोटक आचकर्ष
सकम्बलं नागबलं यदुच्चैः ।
भुवस्तले कुण्डिनगामि राज्ञां
तद्वासुकेश्चाश्वतरोऽन्वगच्छत् ॥
प्राग्भूय कर्कोटक आचकर्ष
सकम्बलं नागबलं यदुच्चैः ।
भुवस्तले कुण्डिनगामि राज्ञां
तद्वासुकेश्चाश्वतरोऽन्वगच्छत् ॥
सकम्बलं नागबलं यदुच्चैः ।
भुवस्तले कुण्डिनगामि राज्ञां
तद्वासुकेश्चाश्वतरोऽन्वगच्छत् ॥
अन्वयः
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कर्कोटकः प्राक् भूय यत् स-कम्बलम् नाग-बलम् उच्चैः आचकर्ष, तत् राज्ञाम् कुण्डिन-गामि (नागबलम्) वासुकेः अश्वतरः च भुवः तले अन्वगच्छत्।
Summary
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The army of elephants of the kings going to Kundina, which Karkotaka and Kambala had previously drawn up high, was now followed on the earth's surface by Vasuki and Ashvatara. (This is a complex pun on 'naga' meaning both elephant and serpent-king).
पदच्छेदः
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| प्राक् | प्राच् | previously |
| भूय | भूय | again |
| कर्कोटकः | कर्कोटक (१.१) | Karkotaka (a Naga king) |
| आचकर्ष | आचकर्ष (आ√कृष् कर्तरि लिट् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) | drew |
| स-कम्बलम् | स–कम्बल (२.१) | with Kambala (another Naga king) |
| नाग-बलम् | नाग–बल (२.१) | the army of elephants (or, the strength of the Nagas) |
| यत् | यद् (२.१) | which |
| उच्चैः | उच्चैस् | high |
| भुवः | भू (६.१) | of the earth |
| तले | तल (७.१) | on the surface |
| कुण्डिन-गामि | कुण्डिन–गामिन् (२.१) | going to Kundina |
| राज्ञाम् | राजन् (६.३) | of the kings |
| तत् | तद् (२.१) | that |
| वासुकेः | वासुकि (६.१) | of Vasuki |
| च | च | and |
| अश्वतरः | अश्वतर (१.१) | Ashvatara (another Naga king) |
| अन्वगच्छत् | अन्वगच्छत् (अनु√गम् कर्तरि लङ् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) | followed |
छन्दः
उपजातिः [११]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| प्रा | ग्भू | य | क | र्को | ट | क | आ | च | क | र्ष |
| स | क | म्ब | लं | ना | ग | ब | लं | य | दु | च्चैः |
| भु | व | स्त | ले | कु | ण्डि | न | गा | मि | रा | ज्ञां |
| त | द्वा | सु | के | श्चा | श्व | त | रो | ऽन्व | ग | च्छत् |
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