अस्या भुजाभ्यां विजिताद्बिसाक्तिं
पृथक्करोऽगृह्यत तत्प्रसूनम्
इहेष्यते तन्न गृहाः श्रियः
कैर्न गीयते वा कर एव लोक्-
ऐः
अस्या भुजाभ्यां विजिताद्बिसाक्तिं
पृथक्करोऽगृह्यत तत्प्रसूनम्
इहेष्यते तन्न गृहाः श्रियः
कैर्न गीयते वा कर एव लोक्-
ऐः
पृथक्करोऽगृह्यत तत्प्रसूनम्
इहेष्यते तन्न गृहाः श्रियः
कैर्न गीयते वा कर एव लोक्-
ऐः
अन्वयः
AI
अस्याः भुजाभ्याम् विजितात् बिसात् तत्-प्रसूनम् पृथक्-करः (विधिना) अगृह्यत। इह (लोके) तत् (पद्मम्) कैः न इष्यते? वा लोकैः (अस्याः) करः एव न गीयते किम्?
Summary
AI
From the lotus stalk, conquered by her arms, its flower (the lotus) was taken by the Creator. In this world, who would desire that lotus? Are not her hands, the very abodes of Lakshmi, sung by all people?
पदच्छेदः
AI
| अस्याः | इदम् (६.१) | of her |
| भुजाभ्याम् | भुजा (३.२) | by the two arms |
| विजितात् | विजित (वि√जि+क्त, ५.१) | from the conquered |
| बिसात् | बिस (५.१) | from the lotus stalk |
| आक्तिम् | आक्ति (२.१) | lustre |
| पृथक्-करः | पृथक्–कर (१.१) | the one who separates (the Creator) |
| अगृह्यत | अगृह्यत (√ग्रह् भावकर्मणोः लङ् (आत्मने.) प्र.पु. एक.) | was taken |
| तत्-प्रसूनम् | तद्–प्रसून (१.१) | its flower |
| इह | इह | here (in this world) |
| इष्यते | इष्यते (√इष् भावकर्मणोः लट् (आत्मने.) प्र.पु. एक.) | is desired |
| तत् | तद् (१.१) | that (lotus) |
| न | न | not |
| गृहाः | गृह (१.३) | abodes |
| श्रियः | श्री (६.१) | of Shri (Lakshmi) |
| कैः | किम् (३.३) | by whom |
| न | न | not |
| गीयते | गीयते (√गै भावकर्मणोः लट् (आत्मने.) प्र.पु. एक.) | is sung |
| वा | वा | or |
| करः | कर (१.१) | the hand |
| एव | एव | alone |
| लोकैः | लोक (३.३) | by people |
छन्दः
उपजातिः [११]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| अ | स्या | भु | जा | भ्यां | वि | जि | ता | द्बि | सा | क्तिं |
| पृ | थ | क्क | रो | ऽगृ | ह्य | त | त | त्प्र | सू | नम् |
| इ | हे | ष्य | ते | त | न्न | गृ | हाः | श्रि | यः | कै |
| र्न | गी | य | ते | वा | क | र | ए | व | लो | कैः |
Other texts to read
About
Sanskrit Sahitya is a free, open-access digital library of classical Sanskrit literature with AI-powered tools and translations.