प्रियं प्रियां च त्रिजगज्जयिश्रियौ
लिखाधिलीलागृहभित्ति कावपि ।
इति स्म सा कारुवरेण लेखितं
नलस्य च स्वस्य च सख्यमीक्षते ॥
प्रियं प्रियां च त्रिजगज्जयिश्रियौ
लिखाधिलीलागृहभित्ति कावपि ।
इति स्म सा कारुवरेण लेखितं
नलस्य च स्वस्य च सख्यमीक्षते ॥
लिखाधिलीलागृहभित्ति कावपि ।
इति स्म सा कारुवरेण लेखितं
नलस्य च स्वस्य च सख्यमीक्षते ॥
अन्वयः
AI
"अधिलीलागृहभित्ति, त्रिजगत्-जयि-श्रियौ कौ अपि प्रियम् प्रियाम् च लिख" इति सा कारुवरेण लेखितम् नलस्य च स्वस्य च सख्यम् ईक्षते स्म।
Summary
AI
Saying, "Draw on the wall of the pleasure house some lover and beloved whose beauty conquers the three worlds," she would have an excellent artist paint a portrait, and then would gaze at what was in fact the likeness of Nala and herself.
पदच्छेदः
AI
| प्रियम् | प्रिय (२.१) | a lover |
| प्रियाम् | प्रिया (२.१) | a beloved |
| च | च | and |
| त्रिजगज्जयिश्रियौ | त्रिजगत्–जयिन्–श्री (२.२) | whose beauty conquers the three worlds |
| लिख | लिख (√लिख् कर्तरि लोट् (परस्मै.) म.पु. एक.) | draw |
| अधिलीलागृहभित्ति | अधि–लीलागृह–भित्ति (८.१) | on the wall of the pleasure house |
| कावपि | किम् (२.२)–अपि | some two |
| इति | इति | thus |
| स्म | स्म | (particle for past tense) |
| सा | तद् (१.१) | she |
| कारुवरेण | कारु–वर (३.१) | by an excellent artist |
| लेखितम् | लेखित (√लिख्+णिच्+क्त, २.१) | caused to be drawn |
| नलस्य | नल (६.१) | of Nala |
| च | च | and |
| स्वस्य | स्व (६.१) | of herself |
| च | च | and |
| सख्यम् | सख्य (२.१) | the likeness/portrait |
| ईक्षते | ईक्षते (√ईक्ष् कर्तरि लट् (आत्मने.) प्र.पु. एक.) | would gaze at |
छन्दः
वंशस्थम् [१२: जतजर]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ | १२ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| प्रि | यं | प्रि | यां | च | त्रि | ज | ग | ज्ज | यि | श्रि | यौ |
| लि | खा | धि | ली | ला | गृ | ह | भि | त्ति | का | व | पि |
| इ | ति | स्म | सा | का | रु | व | रे | ण | ले | खि | तं |
| न | ल | स्य | च | स्व | स्य | च | स | ख्य | मी | क्ष | ते |
| ज | त | ज | र | ||||||||
Other texts to read
About
Sanskrit Sahitya is a free, open-access digital library of classical Sanskrit literature with AI-powered tools and translations.