सुताः कमाहूय चिराय चुंकृतै-
र्विधाय कम्प्राणि मुखानि कं प्रति ।
कथासु शिष्यध्वमिति प्रमील्य सः
स्त्रुतस्य सेकाद्बुबुधे नृपाश्रुणः ॥
सुताः कमाहूय चिराय चुंकृतै-
र्विधाय कम्प्राणि मुखानि कं प्रति ।
कथासु शिष्यध्वमिति प्रमील्य सः
स्त्रुतस्य सेकाद्बुबुधे नृपाश्रुणः ॥
र्विधाय कम्प्राणि मुखानि कं प्रति ।
कथासु शिष्यध्वमिति प्रमील्य सः
स्त्रुतस्य सेकाद्बुबुधे नृपाश्रुणः ॥
अन्वयः
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"सुताः! चिराय चुंकृतैः कम् आहूय, कम्प्राणि मुखानि विधाय, कम् प्रति कथासु शिष्यध्वम्?" इति (विलपन्) सः प्रमील्य, स्त्रुतस्य नृपाश्रुणः सेकात् अबुबुधे ।
Summary
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"My children! Whom will you call with your chirps for long? Making your faces tremble, to whom will you be told stories?" Lamenting thus, the swan closed its eyes and was awakened only by the sprinkling of the flowing tears of the king.
पदच्छेदः
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| सुताः | सुत (८.३) | O children! |
| कम् | किम् (२.१) | whom |
| आहूय | आहूय (आ√ह्वे+ल्यप्) | having called |
| चिराय | चिर (४.१) | for a long time |
| चुंकृतैः | चुंकृत (३.३) | with chirps |
| विधाय | विधाय (वि√धा+ल्यप्) | having made |
| कम्प्राणि | कम्प्र (२.३) | trembling |
| मुखानि | मुख (२.३) | faces |
| कम् | किम् (२.१) | to whom |
| प्रति | प्रति | towards |
| कथासु | कथा (७.३) | in stories |
| शिष्यध्वम् | शिष्यध्वम् (√शास् भावकर्मणोः लोट् (आत्मने.) म.पु. बहु.) | will you be instructed |
| इति | इति | thus |
| प्रमील्य | प्रमील्य (प्र√मील्+ल्यप्) | having closed his eyes |
| सः | तद् (१.१) | he |
| स्त्रुतस्य | स्त्रुत (√स्रु+क्त, ६.१) | of the flowing |
| सेकात् | सेक (५.१) | from the sprinkling |
| अबुबुधे | अबुबुधे (√बुध् कर्तरि लिट् (आत्मने.) प्र.पु. एक.) | awoke |
| नृपाश्रुणः | नृप–अश्रु (६.१) | of the king's tear |
छन्दः
वंशस्थम् [१२: जतजर]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ | १२ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| सु | ताः | क | मा | हू | य | चि | रा | य | चुं | कृ | तै |
| र्वि | धा | य | क | म्प्रा | णि | मु | खा | नि | कं | प्र | ति |
| क | था | सु | शि | ष्य | ध्व | मि | ति | प्र | मी | ल्य | सः |
| स्त्रु | त | स्य | से | का | द्बु | बु | धे | नृ | पा | श्रु | णः |
| ज | त | ज | र | ||||||||
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