हस्ते लीलाकमलमलकं बालकुन्दानुविद्धं
नीता रोध्रप्रसवरजसा पाण्डुतामाननश्रीः ।
चूडापाशे नवकुरवकं चारु कर्णे शिरीषं
सीमन्ते च त्वदुपगमजं यत्र नीपं वधूनाम् ॥
हस्ते लीलाकमलमलकं बालकुन्दानुविद्धं
नीता रोध्रप्रसवरजसा पाण्डुतामाननश्रीः ।
चूडापाशे नवकुरवकं चारु कर्णे शिरीषं
सीमन्ते च त्वदुपगमजं यत्र नीपं वधूनाम् ॥
नीता रोध्रप्रसवरजसा पाण्डुतामाननश्रीः ।
चूडापाशे नवकुरवकं चारु कर्णे शिरीषं
सीमन्ते च त्वदुपगमजं यत्र नीपं वधूनाम् ॥
अन्वयः
AI
यत्र वधूनां हस्ते लीला-कमलं, अलकं बाल-कुन्द-अनुविद्धं, आनन-श्रीः रोध्र-प्रसव-रजसा पाण्डुतां नीता, चूडा-पाशे नव-कुरवकं, कर्णे चारु शिरीषं, सीमन्ते च त्वत्-उपगम-जं नीपं (भवति) ।
Summary
AI
In Alakā, women hold a play-lotus, their hair is intertwined with fresh Kunda buds, and their faces are pale with the pollen of Rodhra flowers. They wear fresh Kurabaka in their braided hair, beautiful Śirīṣa on their ears, and Nīpa flowers in their parting, grown upon your arrival.
सारांश
AI
वहाँ की स्त्रियाँ हाथ में कमल, केशों में कुंद, मुख पर लोध्र पराग, जूड़े में कुरवक, कानों में शिरीष और सीमंत में तुम्हारे आगमन से खिले कदम्ब के पुष्प धारण कर श्रृंगार करती हैं।
वल्लभदेवः
यत्र चाङ्गनानामिदमिदमृतुषट्कजातमग्राम्यमाभरणम् । किं किमित्याह । करे लीलाकमलं विलासनलिनम् । अलकं बालैः कुन्दकुसुमैरनुविद्धं संमिश्रम् । मुखलक्ष्मीरपि लोध्रपुष्पपरागेण पाण्डुतां गौरत्वं प्रापिता । चूडापाशे नवं सरसं कुरबककुसुमम् । कर्णयो रम्यं शिरीषकुसुमम् । सीमन्ते च त्वदुपगमजं प्रावृषेण्यं नीपपुष्पम् । तद्धि वर्षासु जायते । तदेतेन तथाभूतेन कनकालङ्कारनिरासेन नागरत्वमङ्गनानामुक्तम् ॥
पदच्छेदः
AI
| हस्ते | हस्त (७.१) | in the hand |
| लीलाकमलम् | लीला–कमल (१.१) | a lotus for play |
| अलकम् | अलक (१.१) | in the hair-locks |
| बालकुन्दानुविद्धम् | बालकुन्द–अनुविद्ध (√अनुविद्ध+क्त, १.१) | interwoven with young jasmine buds |
| नीता | नीता (√नी+क्त, १.१) | brought to |
| रोध्रप्रसवरजसा | रोध्र–प्रसव–रजस् (३.१) | by the pollen of Lodhra flowers |
| पाण्डुताम् | पाण्डुता (२.१) | paleness |
| आननश्रीः | आनन–श्री (१.१) | the beauty of the face |
| चूडापाशे | चूडा–पाश (७.१) | in the top-knot of hair |
| नवकुरवकम् | नव–कुरवक (१.१) | a fresh Kuravaka flower |
| चारु | चारु (१.१) | a beautiful |
| कर्णे | कर्ण (७.१) | on the ear |
| शिरीषम् | शिरीष (१.१) | Shirisha flower |
| सीमन्ते | सीमन्त (७.१) | on the parting of the hair |
| च | च | and |
| त्वदुपगमजम् | त्वद्–उपगम–ज (१.१) | born from your arrival |
| यत्र | यत्र | where |
| नीपम् | नीप (१.१) | a Nipa flower |
| वधूनाम् | वधू (६.३) | of the women |
छन्दः
मन्दाक्रान्ता [१७: मभनततगग]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ | १२ | १३ | १४ | १५ | १६ | १७ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| ह | स्ते | ली | ला | क | म | ल | म | ल | कं | बा | ल | कु | न्दा | नु | वि | द्धं |
| नी | ता | रो | ध्र | प्र | स | व | र | ज | सा | पा | ण्डु | ता | मा | न | न | श्रीः |
| चू | डा | पा | शे | न | व | कु | र | व | कं | चा | रु | क | र्णे | शि | री | षं |
| सी | म | न्ते | च | त्व | दु | प | ग | म | जं | य | त्र | नी | पं | व | धू | नाम् |
| म | भ | न | त | त | ग | ग | ||||||||||
Other texts to read
About
Sanskrit Sahitya is a free, open-access digital library of classical Sanskrit literature with AI-powered tools and translations.