वधूं द्विजः प्राह तवैष वत्से
वह्निर्विवाहं प्रति पूर्वसाक्षी ।
शिवेन भर्त्रा सह धर्मचर्या
कार्या त्वया मुक्तविचारयेति ॥
वधूं द्विजः प्राह तवैष वत्से
वह्निर्विवाहं प्रति पूर्वसाक्षी ।
शिवेन भर्त्रा सह धर्मचर्या
कार्या त्वया मुक्तविचारयेति ॥
वह्निर्विवाहं प्रति पूर्वसाक्षी ।
शिवेन भर्त्रा सह धर्मचर्या
कार्या त्वया मुक्तविचारयेति ॥
अन्वयः
AI
द्विजः वधूम् प्राह, "वत्से, एषः वह्निः तव विवाहम् प्रति पूर्वसाक्षी। मुक्तविचारया त्वया शिवेन भर्त्रा सह धर्मचर्या कार्या" इति।
सञ्जीविनीटीका (मल्लिनाथः)
वधूमिति । अथ वधूं द्विजः पुरोधाः प्राह । किमिति हे वत्से, एष वह्निस्तव विवाहं प्रति । विवाहकर्मणीत्यर्थः । कर्मसाक्षी कर्मद्रष्टा । भर्त्रा शिवेन सह मुक्तविचारया निर्विचारया त्वया धर्मचर्या धर्माचरणं कार्या कर्तव्येति । अयं च प्राजापत्यविवाहो द्रष्टव्यः । यथाहाश्वलायनः- `सह धर्मचरेदिति प्राजापत्यः` इति
Summary
AI
The priest addressed the bride: "My child, this fire is the primary witness to your marriage. Without any hesitation, you must perform your righteous duties together with your husband, Shiva."
सारांश
AI
पुरोहित ने पार्वती से कहा कि यह अग्नि तुम्हारे विवाह का प्रथम साक्षी है, अतः अब तुम बिना किसी दुविधा के अपने पति शिव के साथ धर्म का पालन करो।
पदच्छेदः
AI
| वधूम् | वधू (२.१) | to the bride |
| द्विजः | द्विज (१.१) | the twice-born (priest) |
| प्राह | प्राह (प्र√ब्रू कर्तरि लिट् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) | said |
| तव | युष्मद् (६.१) | your |
| एषः | एतद् (१.१) | this |
| वत्से | वत्सा (८.१) | O child |
| वह्निः | वह्नि (१.१) | fire |
| विवाहम् | विवाह (२.१) | marriage |
| प्रति | प्रति | is the witness to |
| पूर्वसाक्षी | पूर्व–साक्षिन् (१.१) | primary witness |
| शिवेन | शिव (३.१) | with Shiva |
| भर्त्रा | भर्तृ (३.१) | as husband |
| सह | सह | together |
| धर्मचर्या | धर्म–चर्या (१.१) | The practice of righteousness |
| कार्या | कार्य (√कृ+ण्यत्, १.१) | must be performed |
| त्वया | युष्मद् (३.१) | by you |
| मुक्तविचारया | मुक्त (√मुच्+क्त)–विचार (३.१) | without hesitation |
| इति | इति | thus |
छन्दः
उपजातिः [११]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| व | धूं | द्वि | जः | प्रा | ह | त | वै | ष | व | त्से |
| व | ह्नि | र्वि | वा | हं | प्र | ति | पू | र्व | सा | क्षी |
| शि | वे | न | भ | र्त्रा | स | ह | ध | र्म | च | र्या |
| का | र्या | त्व | या | मु | क्त | वि | चा | र | ये | ति |
Other texts to read
About
Sanskrit Sahitya is a free, open-access digital library of classical Sanskrit literature with AI-powered tools and translations.