सा लाजधूमाञ्जलिमिष्टगन्धं
गुरूपदेशाद्वदनं निनाय ।
कपोलसंसर्पिशिखः स तस्या
मुहूर्तकर्णोत्पलतां प्रपेदे ॥
सा लाजधूमाञ्जलिमिष्टगन्धं
गुरूपदेशाद्वदनं निनाय ।
कपोलसंसर्पिशिखः स तस्या
मुहूर्तकर्णोत्पलतां प्रपेदे ॥
गुरूपदेशाद्वदनं निनाय ।
कपोलसंसर्पिशिखः स तस्या
मुहूर्तकर्णोत्पलतां प्रपेदे ॥
अन्वयः
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सा गुरूपदेशात् इष्टगन्धम् लाजधूमाञ्जलिम् वदनम् निनाय। कपोलसंसर्पिशिखः सः (धूमः) तस्याः मुहूर्तकर्णोत्पलताम् प्रपेदे।
सञ्जीविनीटीका (मल्लिनाथः)
सेति । सा वधूर्गुरोः पुरोधस उपदेशादिष्टः । घ्राणतर्पण इत्यर्थः । गन्धो यस्य तं लाजधूमाञ्जलिं वदनं निनाय । कपोलसंसर्पिणी शिखा यस्य स तथोक्तः स धूमस्तस्य गौर्या मुहूर्तकर्णोत्पलतां प्रपेदे । धूमस्य विसृमरत्वान्मुहूर्तग्रहणम्
Summary
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Following the priest's instruction, she (Parvati) brought the handful of fragrant smoke from the parched grains towards her face. That smoke, its wisp curling over her cheek, momentarily assumed the role of a blue lotus ear-ornament.
सारांश
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पार्वती ने गुरुओं के निर्देशानुसार यज्ञ के धुएँ को अपने मुख के समीप किया। उनके कपोलों को स्पर्श करती वह धुएँ की रेखा क्षण भर के लिए उनके कान के नीलकमल के समान सुशोभित हुई।
पदच्छेदः
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| सा | तद् (१.१) | She |
| लाजधूमाञ्जलिम् | लाज–धूम–अञ्जलि (२.१) | the handful of smoke from parched grains |
| इष्टगन्धम् | इष्ट (√इष्+क्त)–गन्ध (२.१) | fragrant |
| गुरूपदेशात् | गुरु–उपदेश (५.१) | from the preceptor's instruction |
| वदनम् | वदन (२.१) | to her face |
| निनाय | निनाय (√नी कर्तरि लिट् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) | brought |
| कपोलसंसर्पिशिखः | कपोल–संसर्पिन्–शिखा (१.१) | whose wisp curled over the cheek |
| सः | तद् (१.१) | it (the smoke) |
| तस्याः | तद् (६.१) | her |
| मुहूर्तकर्णोत्पलताम् | मुहूर्त–कर्ण–उत्पल–ता (२.१) | the state of being a momentary ear-lotus |
| प्रपेदे | प्रपेदे (प्र√पद् कर्तरि लिट् (आत्मने.) प्र.पु. एक.) | attained |
छन्दः
उपजातिः [११]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| सा | ला | ज | धू | मा | ञ्ज | लि | मि | ष्ट | ग | न्धं |
| गु | रू | प | दे | शा | द्व | द | नं | नि | ना | य |
| क | पो | ल | सं | स | र्पि | शि | खः | स | त | स्या |
| मु | हू | र्त | क | र्णो | त्प | ल | तां | प्र | पे | दे |
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