रोमोद्गमः प्रादुरभूदुमायाः
स्विन्नाङ्गुलिः पुङ्गवकेतुरासीत् ।
वृत्तिस्तयोः पाणिसमागमेन
समं विभक्तेव मनोभवस्य ॥
रोमोद्गमः प्रादुरभूदुमायाः
स्विन्नाङ्गुलिः पुङ्गवकेतुरासीत् ।
वृत्तिस्तयोः पाणिसमागमेन
समं विभक्तेव मनोभवस्य ॥
स्विन्नाङ्गुलिः पुङ्गवकेतुरासीत् ।
वृत्तिस्तयोः पाणिसमागमेन
समं विभक्तेव मनोभवस्य ॥
अन्वयः
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उमायाः रोमोद्गमः प्रादुः अभूत्। पुङ्गवकेतुः स्विन्नाङ्गुलिः आसीत्। तयोः पाणिसमागमेन मनोभवस्य वृत्तिः समम् विभक्ता इव (आसीत्)।
सञ्जीविनीटीका (मल्लिनाथः)
रोमोद्गम इति । उमाया रोमोद्गमो रोमाञ्चः प्रादुरभूत् । पुमान्गौः पुंगवो वृषभः । `गोरतद्धितलुकि` (अष्टाध्यायी ५.४.९२ ) इति टच् । स केतुश्चिह्नं यस्य स पुंगवकेतुः शिवः स्विन्नाङ्गुलिरासीत् । अत्रोत्प्रेक्षते-पाणिसमागमेन पाण्योः संस्पर्शेन कर्त्रा । तयोर्वधूवरयोर्मनोभवस्य वृत्तिरवस्थितिः समं विभक्तेव । समीकृतेवेत्यर्थः । प्राक्सिद्धस्याप्यनुरागसाम्यस्य संप्रति तत्कार्यदर्शनात्पाणिसंस्पर्शकृतत्वमुत्प्रेक्षते । ननु कन्या तु प्रथमसंगमे स्विन्नकरचरणा भवति पुमांस्तु रोमाञ्चितो भवतीति बात्स्यायनेन विपरीतमुक्तमिति चेन्नैष दोषः । एभिरनयोर्भावं परीक्षेतेति वाक्यशेष एभिरिति बहुवचनेन स्वेदरोमाञ्चग्रहणस्य सकलसात्त्विकोपलक्षणत्वावगमेनानियमावधारणात् । अतएव रघुवंशेऽन्यथाभिधानात्स्वोक्तिविरोध इत्यपास्तम् । तदेतद्रघुवंशसंजीविन्यां (७/२२) सुव्यक्तमवोचम् । सात्त्विकास्तु `स्तम्भप्रलयरोमाञ्चाः स्वेदो वैवर्ण्यवेपथू । अश्रुवैस्वर्यमित्यष्टौ सात्त्विकाः परिकीर्तिताः ।` इति
Summary
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On Uma, horripilation appeared. The bull-bannered one (Shiva) had perspiring fingers. Through the union of their hands, the influence of the mind-born Kama seemed to be equally divided between them.
सारांश
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पार्वती के शरीर में रोमांच हो आया और शिव की उंगलियां पसीने से भीग गईं। कामदेव का प्रभाव दोनों में समान रूप से बँटा हुआ दिखाई दिया।
पदच्छेदः
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| रोमोद्गमः | रोमन्–उद्गम (१.१) | Horripilation |
| प्रादुरभूत् | प्रादुरभूत् (प्रादुस्√भू कर्तरि लुङ् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) | appeared |
| उमायाः | उमा (६.१) | on Uma |
| स्विन्नाङ्गुलिः | स्विन्न (√स्विद्+क्त)–अङ्गुलि (१.१) | one with perspiring fingers |
| पुङ्गवकेतुः | पुङ्गव–केतु (१.१) | the bull-bannered one (Shiva) |
| आसीत् | आसीत् (√अस् कर्तरि लङ् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) | was |
| वृत्तिः | वृत्ति (१.१) | The state/influence |
| तयोः | तद् (६.२) | of the two |
| पाणिसमागमेन | पाणि–समागम (३.१) | by the union of hands |
| समम् | समम् | equally |
| विभक्ता | विभक्त (वि√भज्+क्त, १.१) | divided |
| इव | इव | as if |
| मनोभवस्य | मनस्–भव (६.१) | of the mind-born one (Kama) |
छन्दः
उपजातिः [११]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| रो | मो | द्ग | मः | प्रा | दु | र | भू | दु | मा | याः |
| स्वि | न्ना | ङ्गु | लिः | पु | ङ्ग | व | के | तु | रा | सीत् |
| वृ | त्ति | स्त | योः | पा | णि | स | मा | ग | मे | न |
| स | मं | वि | भ | क्ते | व | म | नो | भ | व | स्य |
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