इत्योषधिप्रस्थविलासिनीनां
शृण्वन्कथाः श्रोत्रसुखास्त्रिनेत्रः ।
केयूरचूर्णीकृतलाजमुष्टिं
हिमालयस्यालयमाससाद ॥
इत्योषधिप्रस्थविलासिनीनां
शृण्वन्कथाः श्रोत्रसुखास्त्रिनेत्रः ।
केयूरचूर्णीकृतलाजमुष्टिं
हिमालयस्यालयमाससाद ॥
शृण्वन्कथाः श्रोत्रसुखास्त्रिनेत्रः ।
केयूरचूर्णीकृतलाजमुष्टिं
हिमालयस्यालयमाससाद ॥
अन्वयः
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त्रिनेत्रः इति ओषधिप्रस्थविलासिनीनाम् श्रोत्रसुखाः कथाः शृण्वन् केयूरचूर्णीकृतलाजमुष्टिम् हिमालयस्य आलयम् आससाद।
सञ्जीविनीटीका (मल्लिनाथः)
इतीति । त्रिनेत्रस्त्र्यम्वकः । त्रिनेत्रत्रिनयनशब्दयोः `क्षुभ्नादिषु च` इति णत्वाभावः । इतीत्थमोषधिप्रस्थविलासिनीनां संबन्धिनीः श्रोत्रसुखाः श्रवणमधुराः कथा आलापाञ्छृण्वन्केयूरैरङ्गदैश्चूर्णीकृता लाजानां मुष्टयो यस्मिंस्तं तथोक्तम् । तत्रावकीर्णा आचारलाजा अन्तराल एवाङ्गदैश्चूर्णपेषं पिष्यन्त इति पुरन्ध्रिजनसंबन्धातिशयोक्तिः । हिमालयस्य हिमवत आलयं भवनमाससाद
Summary
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Listening to the ear-pleasing conversations of the women of Oshadhiprastha, the three-eyed Shiva reached the abode of Himalaya, where handfuls of parched grains were being crushed by the armlets of the welcoming crowd.
सारांश
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नगर की स्त्रियों की ऐसी प्रिय बातें सुनते हुए शिव हिमालय के द्वार पर पहुंचे, जहाँ उन पर खीलें बरसाकर उनका स्वागत किया गया।
पदच्छेदः
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| इति | इति | thus |
| ओषधिप्रस्थविलासिनीनाम् | ओषधिप्रस्थ–विलासिनी (६.३) | of the playful women of Oshadhiprastha |
| शृण्वन् | शृण्वत् (√श्रु+शतृ, १.१) | listening |
| कथाः | कथा (२.३) | to the stories |
| श्रोत्रसुखाः | श्रोत्र–सुख (२.३) | pleasing to the ears |
| त्रिनेत्रः | त्रि–नेत्र (१.१) | the three-eyed one (Shiva) |
| केयूरचूर्णीकृतलाजमुष्टिम् | केयूर–चूर्णीकृत (√कृ+च्वि+क्त)–लाज–मुष्टि (२.१) | where handfuls of parched grain were crushed by armlets |
| हिमालयस्य | हिमालय (६.१) | of Himalaya |
| आलयम् | आलय (२.१) | the abode |
| आससाद | आससाद (आ√सद् कर्तरि लिट् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) | reached |
छन्दः
उपजातिः [११]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| इ | त्यो | ष | धि | प्र | स्थ | वि | ला | सि | नी | नां |
| शृ | ण्व | न्क | थाः | श्रो | त्र | सु | खा | स्त्रि | ने | त्रः |
| के | यू | र | चू | र्णी | कृ | त | ला | ज | मु | ष्टिं |
| हि | मा | ल | य | स्या | ल | य | मा | स | सा | द |
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