न नूनमारूढरुषा शरीर-
मनेन दग्धं कुसुमायुधस्य ।
व्रीडादमुं देवमुदीक्ष्य मन्ये
संन्यस्तदेहः स्वयमेव कामः ॥
न नूनमारूढरुषा शरीर-
मनेन दग्धं कुसुमायुधस्य ।
व्रीडादमुं देवमुदीक्ष्य मन्ये
संन्यस्तदेहः स्वयमेव कामः ॥
मनेन दग्धं कुसुमायुधस्य ।
व्रीडादमुं देवमुदीक्ष्य मन्ये
संन्यस्तदेहः स्वयमेव कामः ॥
अन्वयः
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नूनम् आरूढ-रुषा अनेन कुसुम-आयुधस्य शरीरम् न दग्धम्। मन्ये, अमुम् देवम् उदीक्ष्य व्रीडात् कामः स्वयम् एव संन्यस्त-देहः अभूत्।
सञ्जीविनीटीका (मल्लिनाथः)
नेति । आरुढरुषा प्ररुढकोपेनानेन हरेण कुसुमायुधस्य कामस्य शरीरं न दग्धं नूनं किन्तु कामोऽमुं देवमुदीक्ष्य दृष्ट्वा व्रीडात्सौन्दर्येणजितोऽस्मीति लज्जया स्वयमेव संन्यस्तदेहस्त्यक्तदेह इति मन्ये इत्युत्प्रेक्षा । न स्वयं न्यस्ताकृतेः कोपः संभवतीति भावः
Summary
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"Surely, the body of the flower-arrowed one (Kamadeva) was not burnt by him in a fit of anger. I think that upon seeing this god, Kama himself, out of shame at his own inferior beauty, abandoned his body."
सारांश
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निश्चित ही कामदेव शिव के क्रोध से नहीं जला, बल्कि शिव के इस अनुपम रूप को देखकर लज्जा के कारण उसने स्वयं ही अपना शरीर त्याग दिया होगा।
पदच्छेदः
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| न | न | not |
| नूनम् | नूनम् | surely |
| आरूढ-रुषा | आरूढ (आ√रुह्+क्त)–रुष् (३.१) | in a fit of anger |
| शरीरम् | शरीर (२.१) | the body |
| अनेन | इदम् (३.१) | by him |
| दग्धम् | दग्ध (√दह्+क्त, १.१) | was burnt |
| कुसुम-आयुधस्य | कुसुम–आयुध (६.१) | of the flower-arrowed one (Kamadeva) |
| व्रीडात् | व्रीडा (५.१) | out of shame |
| अमुम् | अदस् (२.१) | this |
| देवम् | देव (२.१) | god |
| उदीक्ष्य | उदीक्ष्य (उद्√ईक्ष्+ल्यप्) | upon seeing |
| मन्ये | मन्ये (√मन् कर्तरि लट् (आत्मने.) उ.पु. एक.) | I think |
| संन्यस्त-देहः | संन्यस्त (सम्+नि√अस्+क्त)–देह (१.१) | abandoned his body |
| स्वयम् | स्वयम् | himself |
| एव | एव | indeed |
| कामः | काम (१.१) | Kama |
छन्दः
उपजातिः [११]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| न | नू | न | मा | रू | ढ | रु | षा | श | री | र |
| म | ने | न | द | ग्धं | कु | सु | मा | यु | ध | स्य |
| व्री | डा | द | मुं | दे | व | मु | दी | क्ष्य | म | न्ये |
| सं | न्य | स्त | दे | हः | स्व | य | मे | व | का | मः |
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