तावत्पताकाकुलमिन्दुमौलि-
रुत्तोरणं राजपथं प्रपेदे ।
प्रासादशृङ्गाणि दिवापि कुर्व-
ञ्ज्योत्स्नाभिषेकद्विगुणद्युतीनि ॥
तावत्पताकाकुलमिन्दुमौलि-
रुत्तोरणं राजपथं प्रपेदे ।
प्रासादशृङ्गाणि दिवापि कुर्व-
ञ्ज्योत्स्नाभिषेकद्विगुणद्युतीनि ॥
रुत्तोरणं राजपथं प्रपेदे ।
प्रासादशृङ्गाणि दिवापि कुर्व-
ञ्ज्योत्स्नाभिषेकद्विगुणद्युतीनि ॥
अन्वयः
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तावत् इन्दु-मौलिः दिवा अपि प्रासाद-शृङ्गाणि ज्योत्स्ना-अभिषेक-द्विगुण-द्युतीनि कुर्वन्, पताका-आकुलम् उत्-तोरणम् राज-पथम् प्रपेदे।
सञ्जीविनीटीका (मल्लिनाथः)
तावदिति । तावत्तस्मिन्नवसर इन्दुमौलिरीश्वरो दिवापि प्रासादश्रृङ्गाणि ज्योत्स्नाया अभिषेकेण स्नपनेन द्विगुणद्युतीनि द्विरावृत्तकान्तीनि । `गुणस्त्वावृत्तिशब्दादिज्येन्द्रियामुख्यतन्तुषु` । इति वैजयन्ती । कुर्वन्पताकाभिराकुलं व्याकीर्णमुत्तोरणमुच्छ्रिततोरणं राजपथं प्रपेदे
Summary
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Meanwhile, the moon-crested one (Shiva) entered the royal road, which was filled with flags and adorned with arches. His radiance made the palace tops doubly bright, as if bathed in moonlight even during the day.
सारांश
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चन्द्रधारी शिव ने पताकाओं से सजे राजपथ पर प्रवेश किया। उनके शरीर की कांति महलों के शिखरों की चांदनी को दिन में भी दुगुना चमका रही थी।
पदच्छेदः
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| तावत् | तावत् | meanwhile |
| पताका-आकुलम् | पताका–आकुल (२.१) | filled with flags |
| इन्दु-मौलिः | इन्दु–मौलि (१.१) | the moon-crested one (Shiva) |
| उत्-तोरणम् | उद्–तोरण (२.१) | adorned with arches |
| राज-पथम् | राजन्–पथिन् (२.१) | the royal road |
| प्रपेदे | प्रपेदे (प्र√पद् कर्तरि लिट् (आत्मने.) प्र.पु. एक.) | entered |
| प्रासाद-शृङ्गाणि | प्रासाद–शृङ्ग (२.३) | the palace tops |
| दिवा | दिवा | during the day |
| अपि | अपि | even |
| कुर्वन् | कुर्वन् (√कृ+शतृ, १.१) | making |
| ज्योत्स्ना-अभिषेक-द्विगुण-द्युतीनि | ज्योत्स्ना–अभिषेक–द्विगुण–द्युति (२.३) | doubly bright as if bathed in moonlight |
छन्दः
इन्द्रवज्रा [११: ततजगग]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| ता | व | त्प | ता | का | कु | ल | मि | न्दु | मौ | लि |
| रु | त्तो | र | णं | रा | ज | प | थं | प्र | पे | दे |
| प्रा | सा | द | शृ | ङ्गा | णि | दि | वा | पि | कु | र्व |
| ञ्ज्यो | त्स्ना | भि | षे | क | द्वि | गु | ण | द्यु | ती | नि |
| त | त | ज | ग | ग | ||||||
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