तम् ऋद्धिमद्बन्धुजनाधिरूढै-
र्वृन्दैर्गजानां गिरिचक्रवर्ती ।
प्रत्युज्जगामागमनप्रतीतः
प्रफुल्लवृक्षैः कटकैरिव स्वैः ॥
तम् ऋद्धिमद्बन्धुजनाधिरूढै-
र्वृन्दैर्गजानां गिरिचक्रवर्ती ।
प्रत्युज्जगामागमनप्रतीतः
प्रफुल्लवृक्षैः कटकैरिव स्वैः ॥
र्वृन्दैर्गजानां गिरिचक्रवर्ती ।
प्रत्युज्जगामागमनप्रतीतः
प्रफुल्लवृक्षैः कटकैरिव स्वैः ॥
अन्वयः
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आगमन-प्रतीतः गिरि-चक्रवर्ती, ऋद्धिमत्-बन्धु-जन-अधिरूढैः गजानाम् वृन्दैः, प्रफुल्ल-वृक्षैः स्वैः कटकैः इव, तम् प्रति-उज्जगाम।
सञ्जीविनीटीका (मल्लिनाथः)
तमिति । आगमनेन शिवागमनेन प्रतीतो हृष्टो गिरिचक्रवर्ती पर्वताधिराजो हिमवानृद्धिमता वस्त्रालङ्कारादिसमृद्धेन बन्धुजनेनाधिरुढैः । अनेन बन्धूनां समसाम्यं सूचितम् । गजानां वृन्दैः प्रफुल्ला विकसितकुसुमा वृक्षा येषु तैः स्वैः स्वकीयैः कटकैर्नितम्बैरिव तं हरं प्रत्युज्जगामाभिययौ । `कटकोऽस्त्री नितम्बोऽद्रेः` इत्यमरः
Summary
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The emperor of mountains (Himalaya), delighted by his arrival, went forth to receive him. He was accompanied by herds of elephants mounted by his prosperous relatives, appearing like his own mountain slopes adorned with blossoming trees.
सारांश
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हिमालय अपने समृद्ध परिजनों के साथ हाथियों पर सवार होकर शिव की अगवानी करने आए, जिससे वे वृक्षों से लदे हुए अपने ही पर्वतीय शिखरों के समान प्रतीत हुए।
पदच्छेदः
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| तम् | तद् (२.१) | him |
| ऋद्धिमत्-बन्धु-जन-अधिरूढैः | ऋद्धिमत्–बन्धु–जन–अधिरूढ (अधि√रुह्+क्त, ३.३) | mounted by prosperous relatives |
| वृन्दैः | वृन्द (३.३) | by herds |
| गजानाम् | गज (६.३) | of elephants |
| गिरि-चक्रवर्ती | गिरि–चक्रवर्तिन् (१.१) | the emperor of mountains |
| प्रति-उज्जगाम | प्रत्युज्जगाम (प्रति+उद्√गम् कर्तरि लिट् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) | went forth to receive |
| आगमन-प्रतीतः | आगमन–प्रतीत (१.१) | delighted by his arrival |
| प्रफुल्ल-वृक्षैः | प्रफुल्ल–वृक्ष (३.३) | with blossoming trees |
| कटकैः | कटक (३.३) | by slopes |
| इव | इव | like |
| स्वैः | स्व (३.३) | his own |
छन्दः
उपजातिः [११]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| त | मृ | द्धि | म | द्ब | न्धु | ज | ना | धि | रू | ढै |
| र्वृ | न्दै | र्ग | जा | नां | गि | रि | च | क्र | व | र्ती |
| प्र | त्यु | ज्ज | गा | मा | ग | म | न | प्र | ती | तः |
| प्र | फु | ल्ल | वृ | क्षैः | क | ट | कै | रि | व | स्वैः |
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