दिवापि निष्ठ्यूतमरीचिभासा
बाल्यादनाविष्कृतलाञ्छनेन ।
चन्द्रेण नित्यं प्रतिभिन्नमौले-
श्चूडामणेः किं ग्रहणं हरस्य ॥
दिवापि निष्ठ्यूतमरीचिभासा
बाल्यादनाविष्कृतलाञ्छनेन ।
चन्द्रेण नित्यं प्रतिभिन्नमौले-
श्चूडामणेः किं ग्रहणं हरस्य ॥
बाल्यादनाविष्कृतलाञ्छनेन ।
चन्द्रेण नित्यं प्रतिभिन्नमौले-
श्चूडामणेः किं ग्रहणं हरस्य ॥
अन्वयः
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दिवा अपि निष्ठ्यूत-मरीचि-भासा, बाल्यात् अनाविष्कृत-लाञ्छनेन चन्द्रेण नित्यम् प्रतिभिन्न-मौलेः हरस्य चूडामणेः ग्रहणम् किम्?
सञ्जीविनीटीका (मल्लिनाथः)
दिवापीति । दिवा दिनेऽपि निष्ठ्यूता उदीर्णा मरीचिभासः किरणकान्तयो यस्य तेन बाल्यादल्पतनुत्वादनाविष्कृतलाञ्छनेन । अदृश्यमानकलङ्केत्यर्थः । चन्द्रेण नित्यं सर्वदा प्रतिभिन्नमौलेः संगतमुकुटस्य हरस्य चूडामणेर्ग्रहणं स्वीकारः किं किमर्थम् । चन्द्रचूडामणेर्देवस्य किमन्यैश्चूडामणिभिरति भावः
Summary
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For Shiva, whose crest is always adorned by the crescent moon—which shines brightly even during the day and whose dark spot is not yet visible due to its newness—what need was there to wear a separate crest-jewel?
सारांश
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जिन शिव के मस्तक पर निष्कलंक चंद्रमा सदैव विद्यमान रहता है, उन्हें किसी अन्य रत्नजड़ित चूड़ामणि को धारण करने की कोई आवश्यकता नहीं थी।
पदच्छेदः
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| दिवा | दिवा | during the day |
| अपि | अपि | even |
| निष्ठ्यूत-मरीचि-भासा | निष्ठ्यूत–मरीचि–भास् (३.१) | by the one whose rays are emitted |
| बाल्यात् | बाल्य (५.१) | due to its newness |
| अनाविष्कृत-लाञ्छनेन | न–आविष्कृत–लाञ्छन (३.१) | by the one whose mark is not revealed |
| चन्द्रेण | चन्द्र (३.१) | by the moon |
| नित्यम् | नित्यम् | always |
| प्रतिभिन्न-मौलेः | प्रतिभिन्न–मौलि (६.१) | of him whose crest is adorned |
| चूडामणेः | चूडामणि (६.१) | of a crest-jewel |
| किम् | किम् | what |
| ग्रहणम् | ग्रहण (१.१) | need |
| हरस्य | हर (६.१) | for Hara (Shiva) |
छन्दः
उपजातिः [११]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| दि | वा | पि | नि | ष्ठ्यू | त | म | री | चि | भा | सा |
| बा | ल्या | द | ना | वि | ष्कृ | त | ला | ञ्छ | ने | न |
| च | न्द्रे | ण | नि | त्यं | प्र | ति | भि | न्न | मौ | ले |
| श्चू | डा | म | णेः | किं | ग्र | ह | णं | ह | र | स्य |
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