इच्छाविभूत्योरनुरूपमद्रि-
स्तस्याः कृती कृत्यमशेषयित्वा ।
सभ्यः सभायां सुहृदास्थितायां
तस्थौ वृषाङ्कागमनप्रतीक्षः ॥
इच्छाविभूत्योरनुरूपमद्रि-
स्तस्याः कृती कृत्यमशेषयित्वा ।
सभ्यः सभायां सुहृदास्थितायां
तस्थौ वृषाङ्कागमनप्रतीक्षः ॥
स्तस्याः कृती कृत्यमशेषयित्वा ।
सभ्यः सभायां सुहृदास्थितायां
तस्थौ वृषाङ्कागमनप्रतीक्षः ॥
अन्वयः
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कृती सभ्यः अद्रिः तस्याः इच्छा-विभूत्योः अनुरूपम् कृत्यम् अशेषयित्वा, सुहृद्-आस्थितायाम् सभायाम् वृष-अङ्क-आगमन-प्रतीक्षः तस्थौ।
सञ्जीविनीटीका (मल्लिनाथः)
इच्छेति । कृती कुशलः । सभायां साधुः सभ्यः । `सभाया यः` (अष्टाध्यायी ४.४.१०५ ) इति यप्रत्ययः । अद्रिर्हिमवानिच्छाविभूत्योरुत्साहैश्वर्ययोरनुरुपं सदृशं यथा तथा तस्याः पार्वत्याः कृत्यं कर्तव्यमशेषं निःशेषं कृत्वा । समाप्येत्यर्थः । अशेषशब्दात् `तत्करोति` इति ण्यन्तात्क्त्वाप्रत्ययः । सुहृदास्थितायां बन्धुजनाक्रान्तायां सभायां संसदि वृषाङ्कस्य हरस्यागमनं प्रतीक्षत इति तथोक्तः सन् `कर्मण्यण्` (अष्टाध्यायी ३.२.१ ) इत्यण् । तस्थौ स्थितः
Summary
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The accomplished and courtly Mountain King, Himalaya, having completed all the preparations for his daughter's wedding in a manner befitting her wishes and his own stature, stood in the assembly hall filled with friends and relatives, awaiting the arrival of Shiva.
सारांश
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विवाह की सभी तैयारियाँ पूर्ण कर पर्वतराज हिमालय अपने मित्रों और सभासदों के साथ भगवान शिव के आगमन की प्रतीक्षा करने लगे।
पदच्छेदः
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| इच्छा-विभूत्योः | इच्छा–विभूति (६.२) | of her desire and his own grandeur |
| अनुरूपम् | अनुरूप (२.१) | in a manner befitting |
| अद्रिः | अद्रि (१.१) | the mountain (Himalaya) |
| तस्याः | तद् (६.१) | her |
| कृती | कृतिन् (१.१) | the accomplished one |
| कृत्यम् | कृत्य (२.१) | the duties |
| अशेषयित्वा | अशेषयित्वा (अ√शिष्+णिच्+क्त्वा) | having completed without remainder |
| सभ्यः | सभ्य (१.१) | fit for an assembly |
| सभायाम् | सभा (७.१) | in the assembly hall |
| सुहृद्-आस्थितायाम् | सुहृद्–आस्थित (७.१) | which was occupied by friends and relatives |
| तस्थौ | तस्थौ (√स्था कर्तरि लिट् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) | stood |
| वृष-अङ्क-आगमन-प्रतीक्षः | वृष–अङ्क–आगमन–प्रतीक्ष (१.१) | awaiting the arrival of the one with the bull emblem (Shiva) |
छन्दः
इन्द्रवज्रा [११: ततजगग]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| इ | च्छा | वि | भू | त्यो | र | नु | रू | प | म | द्रि |
| स्त | स्याः | कृ | ती | कृ | त्य | म | शे | ष | यि | त्वा |
| स | भ्यः | स | भा | यां | सु | हृ | दा | स्थि | ता | यां |
| त | स्थौ | वृ | षा | ङ्का | ग | म | न | प्र | ती | क्षः |
| त | त | ज | ग | ग | ||||||
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