विन्यस्तवैदूर्यशिलातलेऽस्मि-
न्नविद्धमुक्ताफलभक्तिचित्रे ।
आवर्जिताष्टापदकुम्भतोयाः
सतूर्यमेनां स्नपयां बभूवुः ॥
विन्यस्तवैदूर्यशिलातलेऽस्मि-
न्नविद्धमुक्ताफलभक्तिचित्रे ।
आवर्जिताष्टापदकुम्भतोयाः
सतूर्यमेनां स्नपयां बभूवुः ॥
न्नविद्धमुक्ताफलभक्तिचित्रे ।
आवर्जिताष्टापदकुम्भतोयाः
सतूर्यमेनां स्नपयां बभूवुः ॥
अन्वयः
AI
(नार्यः) अस्मिन् विन्यस्त-वैदूर्य-शिलातले, अविद्ध-मुक्ताफल-भक्ति-चित्रे (चतुष्के), आवर्जित-अष्टापद-कुम्भ-तोयाः (सत्यः) सतूर्यम् एनाम् स्नपयाम् बभूवुः ।
सञ्जीविनीटीका (मल्लिनाथः)
विन्यस्तेति । विन्यस्तं वैदूर्यशिलातलं मरकतशिलातलं मरकतशिलाप्रदेशो यस्मिंस्तस्मिन्नाबद्धानां मुक्ताफलानां भक्तिरचनाभिश्चित्रेऽस्मिंश्चतुष्क एनां पार्वतीमावर्जितानामानमितानामष्ठापदकुम्भानां कनककलशानां तोयैः सतूर्यं मङ्गलवाद्ययुक्तं यथा तथा स्नपयांबभूबुः । अष्टसु लोहेषु पदं प्रतिष्ठा यस्येत्यष्टापदम् । `अष्टनः संज्ञायाम्` (अष्टाध्यायी ६.३.१२५ ) इति दीर्धः । `अष्टापदं स्यात्कनकम्` इति विश्वः
Summary
AI
On this platform, whose surface was paved with Vaidurya gems and decorated with patterns of unpierced pearls, the women, pouring water from golden pitchers, bathed her to the accompaniment of musical instruments.
सारांश
AI
वैदूर्य मणि की शिलाओं और मोतियों से सजे स्थान पर, संगीत और मंगल ध्वनियों के बीच, स्वर्ण कलशों के जल से पार्वती को विधिपूर्वक स्नान कराया गया।
पदच्छेदः
AI
| विन्यस्तवैदूर्यशिलातले | विन्यस्त (वि+नि√अस्+क्त)–वैदूर्य–शिलातल (७.१) | on the surface paved with Vaidurya gems |
| अस्मिन् | इदम् (७.१) | on this |
| अविद्धमुक्ताफलभक्तिचित्रे | अविद्ध (√व्यध्+क्त)–मुक्ताफल–भक्ति–चित्र (७.१) | decorated with patterns of unpierced pearls |
| आवर्जिताष्टापदकुम्भतोयाः | आवर्जित (आ√वृज्+क्त)–अष्टापद–कुम्भ–तोय (१.३) | pouring water from golden pitchers |
| सतूर्यम् | सतूर्यम् | to the accompaniment of musical instruments |
| एनाम् | एतद् (२.१) | her |
| स्नपयाम् | स्नपयाम् (√स्ना+णिच्+आम्) | to bathe |
| बभूवुः | बभूवुः (√भू कर्तरि लिट् (परस्मै.) प्र.पु. बहु.) | they caused |
छन्दः
उपजातिः [११]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| वि | न्य | स्त | वै | दू | र्य | शि | ला | त | ले | ऽस्मि |
| न्न | वि | द्ध | मु | क्ता | फ | ल | भ | क्ति | चि | त्रे |
| आ | व | र्जि | ता | ष्टा | प | द | कु | म्भ | तो | याः |
| स | तू | र्य | मे | नां | स्न | प | यां | ब | भू | वुः |
Other texts to read
About
Sanskrit Sahitya is a free, open-access digital library of classical Sanskrit literature with AI-powered tools and translations.