अन्वयः
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तत्-अनन्तरम् विबुधाः शितिकण्ठाय प्रणम्य, अस्याः चरणौ चूडामणि-मरीचिभिः रञ्जयन्ति।
सञ्जीविनीटीका (मल्लिनाथः)
प्रणम्येति । विबुधा देवाः शितिकण्ठाय शिवाय प्रणाम्य तदनन्तरं नीलकण्ठप्रणामानन्तरमस्याश्चरणौ चूडामणिमरीचिभी रञ्जयन्तु । ईश्वरपरिग्रहादखिलदेवतावन्द्या भवत्वित्यर्थः
Summary
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After bowing to Shiva, the gods will then bow to her, coloring her feet with the brilliant rays emanating from the jewels on their crowns.
सारांश
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देवताओं ने भगवान शिव को प्रणाम करने के बाद अपने मुकुटों की मणियों की किरणों से पार्वती के चरणों को सुशोभित किया।
पदच्छेदः
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| प्रणम्य | प्रणम्य (प्र√नम्+ल्यप्) | Having bowed |
| शितिकण्ठाय | शितिकण्ठ (४.१) | to the Blue-throated one (Shiva) |
| विबुधाः | विबुध (१.३) | the gods |
| तदनन्तरम् | तदनन्तरम् | after that |
| चरणौ | चरण (२.२) | the two feet |
| रञ्जयन्ति | रञ्जयन्ति (√रञ्ज् +णिच् कर्तरि लट् (परस्मै.) प्र.पु. बहु.) | will color |
| अस्याः | इदम् (६.१) | of her |
| चूडामणिमरीचिभिः | चूडामणि–मरीचि (३.३) | with the rays of their crest-jewels |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| प्र | ण | म्य | शि | ति | क | ण्ठा | य |
| वि | बु | धा | स्त | द | न | न्त | रम् |
| च | र | णौ | र | ञ्ज | य | न्त्य | स्या |
| श्चू | डा | म | णि | म | री | चि | भिः |
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