अन्वयः
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देव! अथवा एषा सुमहती प्रार्थना तिष्ठतु । तावत् चिन्तित-उपस्थितान् नः शाधि, किम् करवाम?
सञ्जीविनीटीका (मल्लिनाथः)
अथवेति । अथवा हे देव ! सुमहती । गुह्यतमत्वादतिदुर्लभेत्यर्थः । एषा प्रार्थना निजरुपनिरुपणप्रार्थना, तिष्ठतु । किंतु चिन्तितेन चिन्तिता वोपस्थिताश्चिन्तितोपस्थितास्तान्नोऽस्मांस्तावच्छाध्याज्ञापय किं करवाम ? प्रार्थनायां लोट् । अलमप्रस्तुतेन, प्रस्तुते तावन्नियुङ्क्ष्वेत्यर्थः
Summary
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O Lord, or else, let this very great request be. For now, command us, who have appeared as soon as you thought of us. What shall we do?
सारांश
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अथवा हे देव, हमारी यह बड़ी जिज्ञासा रहने दें। आपके स्मरण मात्र से यहाँ उपस्थित हुए हमें आज्ञा दें कि हम आपके लिए क्या सेवा करें।
पदच्छेदः
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| अथवा | अथवा | Or else |
| सुमहती | सुमहत् (१.१) | very great |
| एषा | एतद् (१.१) | this |
| प्रार्थना | प्रार्थना (१.१) | request |
| देव | देव (८.१) | O Lord! |
| तिष्ठतु | तिष्ठतु (√स्था कर्तरि लोट् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) | let it be |
| चिन्तितोपस्थितान् | चिन्तित (√चिन्त्+क्त)–उपस्थित (उप√स्था+क्त)–चिन्तितोपस्थित (२.३) | us who have appeared as soon as thought of |
| तावत् | तावत् | for now |
| शाधि | शाधि (√शास् कर्तरि लोट् (परस्मै.) म.पु. एक.) | command |
| नः | अस्मद् (२.३) | us |
| करवाम | करवाम (√कृ कर्तरि लोट् (परस्मै.) उ.पु. बहु.) | shall we do |
| किम् | किम् | what |
छन्दः
अनुष्टुप् [८]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|
| अ | थ | वा | सु | म | ह | त्ये | षा |
| प्रा | र्थ | ना | दे | व | ति | ष्ठ | तु |
| चि | न्ति | तो | प | स्थि | तां | स्ता | व |
| च्छा | धि | नः | क | र | वा | म | किम् |
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