अनेन धर्मः सविशेषमद्य मे
त्रिवर्गसारः प्रतिभाति भाविनि ।
त्वया मनोनिर्विषयार्थकामया
यदेक एव प्रतिगृह्य सेव्यते ॥
अनेन धर्मः सविशेषमद्य मे
त्रिवर्गसारः प्रतिभाति भाविनि ।
त्वया मनोनिर्विषयार्थकामया
यदेक एव प्रतिगृह्य सेव्यते ॥
त्रिवर्गसारः प्रतिभाति भाविनि ।
त्वया मनोनिर्विषयार्थकामया
यदेक एव प्रतिगृह्य सेव्यते ॥
अन्वयः
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भाविनि, यत् मनः-निर्विषय-अर्थ-कामया त्वया एकः धर्मः एव प्रतिगृह्य सेव्यते, अनेन अद्य मे त्रि-वर्ग-सारः धर्मः स-विशेषम् प्रतिभाति ।
सञ्जीविनीटीका (मल्लिनाथः)
अनेनेति । हे भाविनि प्रशास्ताभिप्राये ! अनेन कारणेन धर्मः सविशेषं सातिशयमद्य मे । त्रयाणां धर्मकामार्थानां वर्गस्त्रिवर्गः) । `त्रिवर्गो धर्मकामार्थैश्चतुर्वर्गः समीक्षकैः` इत्यमरः । तत्र सारः श्रेष्ठः प्रतिभाति । यद्यस्मात्कारणान्मनसो निर्विषयावर्थकामौ यस्यास्तया त्वयैको धर्म एव प्रतिगृह्य स्वीकृत्य सेव्यते। यत्त्वयार्थकामौ विहाय धर्म एवावलम्बितः, अतः सर्वेषां नः स श्रेयानिति प्रतिपद्यत इत्यर्थः
Summary
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"O noble lady, because you, having renounced all desire for wealth and pleasure, have chosen to practice Dharma alone, today Dharma appears to me to be especially excellent, the very essence of the three aims of life."
सारांश
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आज मुझे धर्म ही पुरुषार्थों में श्रेष्ठ जान पड़ता है, क्योंकि आपने काम और अर्थ की इच्छा त्याग कर केवल धर्म को ही अपनाया है।
पदच्छेदः
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| अनेन | इदम् (३.१) | by this |
| धर्मः | धर्म (१.१) | Dharma (righteousness) |
| सविशेषम् | सविशेषम् | especially |
| अद्य | अद्य | today |
| मे | अस्मद् (४.१) | to me |
| त्रिवर्गसारः | त्रिवर्ग–सार (१.१) | the essence of the three aims of life |
| प्रतिभाति | प्रतिभाति (प्रति√भा कर्तरि लट् (परस्मै.) प्र.पु. एक.) | appears |
| भाविनि | भाविनी (८.१) | O noble lady |
| त्वया | युष्मद् (३.१) | by you |
| मनोनिर्विषयार्थकामया | मनस्–निर्विषय–अर्थ–काम (३.१) | by whom Artha (wealth) and Kama (desire) have been made objectless for the mind |
| यत् | यत् | since |
| एकः | एक (१.१) | one |
| एव | एव | only |
| प्रतिगृह्य | प्रतिगृह्य (प्रति√ग्रह्+ल्यप्) | having accepted |
| सेव्यते | सेव्यते (√सेव् भावकर्मणोः लट् (आत्मने.) प्र.पु. एक.) | is being practiced |
छन्दः
वंशस्थम् [१२: जतजर]
छन्दोविश्लेषणम्
| १ | २ | ३ | ४ | ५ | ६ | ७ | ८ | ९ | १० | ११ | १२ |
|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|---|
| अ | ने | न | ध | र्मः | स | वि | शे | ष | म | द्य | मे |
| त्रि | व | र्ग | सा | रः | प्र | ति | भा | ति | भा | वि | नि |
| त्व | या | म | नो | नि | र्वि | ष | या | र्थ | का | म | या |
| य | दे | क | ए | व | प्र | ति | गृ | ह्य | से | व्य | ते |
| ज | त | ज | र | ||||||||
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